सीयूएसबी में कृत्रिम बुद्धिमत्ता में स्टार्टअप अवसरों पर अभिमुखीकरण सत्र, विद्यार्थियों को नवाचार और उद्यमिता के लिए किया प्रेरित
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 19 अगस्त 2026
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गयाजी: दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के संस्थान नवाचार परिषद (आईआईसी) की ओर से ‘नवप्रवर्तन 2026’ के अंतर्गत पांच वर्षीय एकीकृत स्नातक–स्नातकोत्तर कार्यक्रमों के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता में स्टार्टअप के अवसर’ विषय पर अभिमुखीकरण सत्र आयोजित किया गया। विवेकानंद व्याख्यान परिसर में आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), स्टार्टअप, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं से परिचित कराना था।
एआई में स्टार्टअप के अवसरों पर अरविंद झा ने रखे विचार
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मिथिला एंजेल नेटवर्क (एमएएन) के संस्थापक, स्टार्टअप मार्गदर्शक एवं निवेशक अरविंद झा ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्र और इससे जुड़े स्टार्टअप अवसरों पर विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता केवल तकनीकी विषय तक सीमित नहीं है, बल्कि कला सहित विभिन्न विषयों के विद्यार्थियों के लिए भी इसमें व्यापक अवसर मौजूद हैं। उन्होंने दूरभाष वार्ता, ई-मेल, समस्या समाधान और विभिन्न कार्यों के स्वचालन जैसे दैनिक जीवन से जुड़े उदाहरणों के माध्यम से एआई की उपयोगिता समझाई।
क्षेत्रीय भाषाओं और कैथी लिपि के डिजिटलीकरण पर जोर
अरविंद झा ने रोबोटिक्स, छवि, फिल्म और पोस्टर निर्माण सहित विभिन्न क्षेत्रों में एआई के बढ़ते इस्तेमाल पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने मैथिली, भोजपुरी, अंगिका, बज्जिका, मगही और कैथी जैसी भाषाओं एवं लिपियों के लिए डिजिटल तकनीक विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने कैथी लिपि के डिजिटलीकरण, ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकॉग्निशन (ओसीआर) और लार्ज लैंग्वेज मॉडल (एलएलएम) के विकास में मौजूद संभावनाओं की भी चर्चा की।
विद्यार्थियों को आईआईसी की गतिविधियों की जानकारी
जन संपर्क पदाधिकारी (पीआरओ) मोहम्मद मुदस्सीर आलम ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान संस्थान नवाचार परिषद, सीयूएसबी के अध्यक्ष प्रो. वेंकटेश सिंह ने विद्यार्थियों को परिषद की कार्यप्रणाली, संरचना तथा विभिन्न समितियों और उनकी गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संस्थान नवाचार परिषद विश्वविद्यालय स्तर पर एक शोध पत्रिका शुरू करने की दिशा में भी कार्य कर रहा है।
नए विचारों को सही दिशा देने पर जोर
परीक्षा नियंत्रक डॉ. शांतिगोपाल ने विद्यार्थियों से संस्थान नवाचार परिषद की भूमिका एवं गतिविधियों को लेकर संवाद किया। उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी रचनात्मक और नवाचारी हैं तथा उनके पास अनेक नए एवं अनूठे विचार हैं। जरूरत इन विचारों को सही दिशा और उचित मार्गदर्शन देने की है।
उन्होंने विद्यार्थियों से अपने नवाचार संबंधी विचारों पर गंभीरता से काम करने की अपील करते हुए कहा कि संस्थान नवाचार परिषद उनकी इस यात्रा में सहयोगी की भूमिका निभाएगा।
कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता, नवाचार और उद्यमिता के बदलते परिदृश्य को समझने के साथ अपने शैक्षणिक ज्ञान को व्यावहारिक एवं उद्यमशील अवसरों से जोड़ने का मंच प्रदान किया।
