बुद्ध पूर्णिमा पर बोधगया से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलान, विष्णुपद कॉरिडोर और 5 लाख करोड़ निवेश की घोषणा

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आर्यावर्त वाणी | पटना / गयाजी | 01 मई 2026,

गयाजी: बोधगया मठ परिसर में बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी सह सांस्कृतिक संचेतना कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान “भारतीय परंपरा में धार्मिक समन्वय” विषय पर संगोष्ठी आयोजित हुई। मुख्यमंत्री ने गयाजी को मोक्ष और ज्ञान की भूमि बताते हुए कहा कि यहां गौतम बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति हुई और यह धरती विश्व में अद्वितीय है।

शांति, सहिष्णुता और इतिहास की विरासत पर संबोधन

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत पर कई आक्रांताओं ने हमला किया, लेकिन देश की सनातन परंपरा और सहिष्णुता ने इसे सदैव जीवित रखा। उन्होंने सिख समाज के साहस और गौतम बुद्ध के शांति संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि मगध सम्राट सम्राट अशोक ने बौद्ध धर्म के प्रचार से विश्व में शांति स्थापित की।

विकास योजनाएं और बड़े ऐलान

मुख्यमंत्री ने बिहार के विकास के लिए कई बड़ी घोषणाएं कीं—
🔹विष्णुपद कॉरिडोर के निर्माण की घोषणा
🔹एक माह के भीतर बोधगया मठ कॉरिडोर पर कार्य शुरू करने का आश्वासन
🔹1700 एकड़ में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और 22 हजार एकड़ में “मगध टाउनशिप” विकसित करने की योजना
🔹20 नवंबर 2026 तक 5 लाख करोड़ रुपये का निवेश लाने का लक्ष्य

उन्होंने कहा कि राज्य के युवाओं को 50 करोड़ तक के ठेके दिए जाएंगे और 30% सरकारी खरीद बिहार में निर्मित उत्पादों से होगी।

शिक्षा, रोजगार और आत्मनिर्भर बिहार का विजन

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार को समृद्ध बनाने के लिए शिक्षा और रोजगार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने आधुनिक और उच्च गुणवत्ता वाले स्कूलों की स्थापना की घोषणा की, जहां आम और खास सभी वर्गों के बच्चे पढ़ सकेंगे। “पहले ज्ञानी बनो, फिर धनी बनो” का संदेश देते हुए उन्होंने शिक्षा को विकास की कुंजी बताया।

विरासत संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने गयाजी में म्यूजियम निर्माण और “बिहार दर्शन” कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की, ताकि राज्य की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक स्तर पर पहचान मिल सके। उन्होंने नालंदा विश्वविद्यालय के पुनर्स्थापन के लिए नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार का आभार जताया।

कानून-व्यवस्था और सुशासन पर सख्ती

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बिहार में सुशासन हर हाल में लागू रहेगा। अपराध और कानून-व्यवस्था को लेकर उन्होंने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि “अपराधियों का पिंडदान किया जाएगा।” साथ ही अवैध कब्जों को हटाने और हर महीने सहयोग शिविर लगाकर 30 दिनों में समस्याओं के समाधान का निर्देश दिया।

लालकार्यक्रम में प्रमुख हस्तियों की मौजूदगी

कार्यक्रम को बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार, अखिल भारतीय भिक्षु महासंघ के सचिव भंते प्रज्ञा दीप महाथेरो, प्रो. के.टी.एस. सराओ, स्वामी विवेकानंद गिरी सहित कई गणमान्य लोगों ने संबोधित किया। बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग भी उपस्थित रहे।

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