पारा विधिक स्वयंसेवकों के लिए एकदिवसीय जागरूकता एवं प्रेरणात्मक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन

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आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 19 अगस्त 2026

गयाजी: बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देशानुसार मगध प्रमंडल के गयाजी, जहानाबाद, नवादा एवं औरंगाबाद जिलों के पारा विधिक स्वयंसेवकों (PLVs) के लिए एकदिवसीय जागरूकता एवं प्रेरणात्मक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन मानविकी भवन, गया कॉलेज में किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गयाजी के सौजन्य तथा सेंटर डायरेक्ट एवं लॉ फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पारा विधिक स्वयंसेवकों ने भाग लिया।

दीप प्रज्वलित कर किया गया कार्यक्रम का उद्घाटन

कार्यक्रम का उद्घाटन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गयाजी प्रदीप कुमार मलिक, बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के संयुक्त सचिव अविनाश कुमार, सिटी एसपी अभिनव तथा डीएलएसए गयाजी के सचिव अरविंद कुमार दास ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। दीप प्रज्वलन के साथ ही कार्यक्रम का वातावरण प्रेरणादायक एवं उत्साहपूर्ण हो उठा।

अंतिम व्यक्ति तक विधिक सहायता पहुंचाने की अपील

उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए संयुक्त सचिव अविनाश कुमार ने कहा कि पारा विधिक स्वयंसेवक समाज के अंतिम व्यक्ति और विधिक सेवा संस्थाओं के बीच महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्होंने स्वयंसेवकों से जरूरतमंद लोगों तक निःशुल्क विधिक सहायता, न्यायिक प्रक्रियाओं की जानकारी तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विधिक जागरूकता सशक्त समाज की नींव है।

पुलिस एवं विधिक सेवा संस्थाओं के बीच समन्वय पर जोर

सिटी एसपी ने कहा कि समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गों तक न्याय एवं सहायता पहुंचाने में पारा विधिक स्वयंसेवकों की भूमिका महत्वपूर्ण है। पुलिस एवं विधिक सेवा संस्थाओं के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर स्वयंसेवक समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं।

न्याय व्यवस्था को आम लोगों के करीब लाने में सेतु हैं PLVs

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रदीप कुमार मलिक ने कहा कि पारा विधिक स्वयंसेवक न्याय व्यवस्था को आम लोगों के और अधिक करीब लाने में सेतु का कार्य करते हैं। उन्होंने स्वयंसेवकों से ईमानदारी, निष्पक्षता, संवेदनशीलता एवं समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि PLVs की सक्रिय भूमिका समाज में न्याय व्यवस्था के प्रति विश्वास को और मजबूत करती है।

विशेषज्ञों ने दी जिम्मेदारियों और जनसेवा की जानकारी

प्रशिक्षण सत्र में सेंट्रल यूनिवर्सिटी के एसोसिएट प्रोफेसर सुरेंद्र कुमार ने पारा विधिक स्वयंसेवकों की भूमिका, जिम्मेदारियों एवं विधिक सहायता व्यवस्था के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। सेंटर डायरेक्ट के जिला समन्वयक दीनानाथ मौर्य ने विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं एवं सामुदायिक कानूनी जागरूकता के महत्व पर प्रकाश डाला।

वहीं, बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा नामित रिसोर्स पर्सन पॉल भूषण ने नेतृत्व क्षमता, जनसेवा, सामुदायिक सहभागिता तथा मानव तस्करी एवं बंधुआ मजदूरी की पहचान और रोकथाम में पारा विधिक स्वयंसेवकों की भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी।

धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ समापन

कार्यक्रम के अंत में डीएलएसए गयाजी के सचिव अरविंद कुमार दास ने सभी अतिथियों, विशेषज्ञों एवं पारा विधिक स्वयंसेवकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम स्वयंसेवकों की क्षमता वृद्धि और उनके कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम में मगध प्रमंडल के विभिन्न जिलों से आए पारा विधिक स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

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आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 19 अगस्त 2026

गयाजी: बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देशानुसार मगध प्रमंडल के गयाजी, जहानाबाद, नवादा एवं औरंगाबाद जिलों के पारा विधिक स्वयंसेवकों (PLVs) के लिए एकदिवसीय जागरूकता एवं प्रेरणात्मक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन मानविकी भवन, गया कॉलेज में किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गयाजी के सौजन्य तथा सेंटर डायरेक्ट एवं लॉ फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पारा विधिक स्वयंसेवकों ने भाग लिया।

दीप प्रज्वलित कर किया गया कार्यक्रम का उद्घाटन

कार्यक्रम का उद्घाटन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गयाजी प्रदीप कुमार मलिक, बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के संयुक्त सचिव अविनाश कुमार, सिटी एसपी अभिनव तथा डीएलएसए गयाजी के सचिव अरविंद कुमार दास ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। दीप प्रज्वलन के साथ ही कार्यक्रम का वातावरण प्रेरणादायक एवं उत्साहपूर्ण हो उठा।

अंतिम व्यक्ति तक विधिक सहायता पहुंचाने की अपील

उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए संयुक्त सचिव अविनाश कुमार ने कहा कि पारा विधिक स्वयंसेवक समाज के अंतिम व्यक्ति और विधिक सेवा संस्थाओं के बीच महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्होंने स्वयंसेवकों से जरूरतमंद लोगों तक निःशुल्क विधिक सहायता, न्यायिक प्रक्रियाओं की जानकारी तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विधिक जागरूकता सशक्त समाज की नींव है।

पुलिस एवं विधिक सेवा संस्थाओं के बीच समन्वय पर जोर

सिटी एसपी ने कहा कि समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गों तक न्याय एवं सहायता पहुंचाने में पारा विधिक स्वयंसेवकों की भूमिका महत्वपूर्ण है। पुलिस एवं विधिक सेवा संस्थाओं के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर स्वयंसेवक समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं।

न्याय व्यवस्था को आम लोगों के करीब लाने में सेतु हैं PLVs

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रदीप कुमार मलिक ने कहा कि पारा विधिक स्वयंसेवक न्याय व्यवस्था को आम लोगों के और अधिक करीब लाने में सेतु का कार्य करते हैं। उन्होंने स्वयंसेवकों से ईमानदारी, निष्पक्षता, संवेदनशीलता एवं समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि PLVs की सक्रिय भूमिका समाज में न्याय व्यवस्था के प्रति विश्वास को और मजबूत करती है।

विशेषज्ञों ने दी जिम्मेदारियों और जनसेवा की जानकारी

प्रशिक्षण सत्र में सेंट्रल यूनिवर्सिटी के एसोसिएट प्रोफेसर सुरेंद्र कुमार ने पारा विधिक स्वयंसेवकों की भूमिका, जिम्मेदारियों एवं विधिक सहायता व्यवस्था के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। सेंटर डायरेक्ट के जिला समन्वयक दीनानाथ मौर्य ने विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं एवं सामुदायिक कानूनी जागरूकता के महत्व पर प्रकाश डाला।

वहीं, बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा नामित रिसोर्स पर्सन पॉल भूषण ने नेतृत्व क्षमता, जनसेवा, सामुदायिक सहभागिता तथा मानव तस्करी एवं बंधुआ मजदूरी की पहचान और रोकथाम में पारा विधिक स्वयंसेवकों की भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी।

धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ समापन

कार्यक्रम के अंत में डीएलएसए गयाजी के सचिव अरविंद कुमार दास ने सभी अतिथियों, विशेषज्ञों एवं पारा विधिक स्वयंसेवकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम स्वयंसेवकों की क्षमता वृद्धि और उनके कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम में मगध प्रमंडल के विभिन्न जिलों से आए पारा विधिक स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

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