पर्यटन विभाग के अधीक्षण अभियंता के ठिकानों पर निगरानी का छापा, आय से 75% अधिक संपत्ति का मामला दर्ज
आर्यावर्त वाणी | पटना |18 जुलाई 2026,
पटना: निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (विजिलेंस) ने पर्यटन विभाग, बिहार के अधीक्षण अभियंता अवधेश कुमार सिन्हा के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ब्यूरो ने उनके पटना स्थित आवास और कार्यालय समेत तीन ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया, जिसमें करोड़ों रुपये की संपत्ति और निवेश से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए हैं।
1.41 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति का आरोप
निगरानी थाना कांड संख्या 084/26 (दिनांक 16 जुलाई 2026) में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धाराओं के तहत अवधेश कुमार सिन्हा के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है। जांच एजेंसी के अनुसार उनके खिलाफ ₹1,41,90,000 की प्रत्यानुपातिक (आय से अधिक) संपत्ति अर्जित करने का आरोप है, जो उनकी ज्ञात आय से लगभग 75 प्रतिशत अधिक है।
तीन ठिकानों पर देर रात तक चली तलाशी
माननीय विशेष न्यायालय (निगरानी), पटना से प्राप्त सर्च वारंट के आधार पर 17 जुलाई को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की तीन अलग-अलग टीमों ने पटना में अभियुक्त के तीन ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। कार्रवाई देर रात तक जारी रही।
तलाशी में क्या-क्या मिला
🔹तलाशी के दौरान निगरानी टीम को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और संपत्तियों से जुड़े प्रमाण मिले। इनमें प्रमुख रूप से—
🔹फ्रेंड्स कॉलोनी, आशियाना नगर, पटना में 2 कट्ठा 4 धूर जमीन के दस्तावेज, जिसकी खरीद कीमत ₹75.63 लाख दर्ज है।
🔹उक्त जमीन पर निर्मित मकान से संबंधित एमओयू, जिसमें ₹97 लाख के भुगतान का उल्लेख।
🔹₹75.62 लाख मूल्य के भूमि एग्रीमेंट के दस्तावेज।
🔹केनरा बैंक का एक लॉकर, जिसे नियमानुसार खोलकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
🔹₹61,000 नकद।
🔹लगभग ₹5.05 लाख मूल्य के स्वर्ण आभूषण।
🔹लगभग ₹3.07 लाख मूल्य के हीरा जड़ित स्वर्ण आभूषण।
🔹लगभग ₹1.53 लाख मूल्य के चांदी के आभूषण।
🔹12 डीड से संबंधित दस्तावेज।
🔹19 बैंक खातों के दस्तावेज।
🔹विभिन्न बीमा निवेश के कागजात।
🔹तीन फ्लैटों के दस्तावेज।
🔹एक हुंडई कार।
जांच अभी जारी
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने बताया कि बरामद दस्तावेजों और संपत्तियों का विस्तृत सत्यापन किया जा रहा है। बैंक लॉकर और अन्य वित्तीय निवेशों की जांच के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल कांड का अनुसंधान जारी है।
