बिहार में साइबर अपराध, नए आपराधिक कानून और फॉरेंसिक जांच की हुई उच्चस्तरीय समीक्षा, गृह मंत्रालय ने दिए अहम निर्देश
आर्यावर्त वाणी | पटना |13 जुलाई 2026,
पटना : बिहार में साइबर अपराध नियंत्रण, नारकोटिक्स उन्मूलन, आपदा प्रबंधन तथा तीन नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सोमवार को गृह विभाग में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। गृह सचिव कुंदन कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में भारत सरकार के गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव (एलडब्ल्यूई) राजीव कुमार विशेष रूप से उपस्थित रहे।
साइबर अपराध और नए कानूनों की प्रगति की समीक्षा
बैठक के दौरान गृह सचिव कुंदन कुमार ने पावरपॉइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से राज्य में साइबर अपराध नियंत्रण, नारकोटिक्स उन्मूलन, आपदा प्रबंधन तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) के क्रियान्वयन की प्रगति, उपलब्धियों और वर्तमान स्थिति की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही विभिन्न योजनाओं के कार्यान्वयन की अद्यतन स्थिति से भी केंद्र सरकार को अवगत कराया गया।
गृह मंत्रालय ने दिए कई अहम निर्देश
समीक्षा के बाद संयुक्त सचिव (एलडब्ल्यूई) राजीव कुमार ने राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों और उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि तीनों नए आपराधिक कानूनों को चरणबद्ध तरीके से निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी तरह लागू किया जाए।
इसके अलावा उन्होंने—
🔹CCTNS के प्रभावी क्रियान्वयन,
🔹सभी मामलों में ई-साक्ष्य को संबंधित एफआईआर से शत-प्रतिशत जोड़ने,
🔹नए आपराधिक कानूनों के अनुरूप फॉरेंसिक जांच को प्रभावी बनाने,
🔹सात वर्ष या उससे अधिक सजा वाले मामलों में अनिवार्य फॉरेंसिक जांच सुनिश्चित करने,
🔹60/90 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल करने,
🔹तथा साइबर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
समयबद्ध लक्ष्य पूरे करने पर जोर
संयुक्त सचिव ने गृह एवं पुलिस विभाग के संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करते हुए निर्धारित लक्ष्यों को तय समयसीमा के भीतर पूरा करें, ताकि कानून-व्यवस्था और आपराधिक न्याय प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
बैठक में गृह विभाग के विशेष सचिव क्षत्रनील सिंह, निदेशक अभियोजन सुधांशु कुमार चौबे, संयुक्त सचिव कमल नयन, संयुक्त सचिव अमलेंदु कुमार सहित गृह विभाग और पुलिस विभाग के विभिन्न प्रभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
