श्रम मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने की विभागीय योजनाओं की समीक्षा, बाल श्रम उन्मूलन और रोजगार सृजन पर दिया जोर

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आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 20 जून 2026,

गयाजी: श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग के मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने शनिवार को गयाजी जिला परिसदन में श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग तथा नियोजन एवं युवा कौशल विभाग के पदाधिकारियों के साथ समीक्षात्मक बैठक की। बैठक में विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बाल श्रम उन्मूलन और छात्रवृत्ति आवेदन बढ़ाने का निर्देश

बैठक के दौरान मंत्री ने बाल श्रम उन्मूलन अभियान की समीक्षा करते हुए बाल श्रमिकों की विमुक्ति की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया। साथ ही, बिहार शताब्दी असंगठित कार्यक्षेत्र कामगार एवं शिल्पकार सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत छात्र-छात्राओं द्वारा छात्रवृत्ति के लिए किए जाने वाले आवेदनों की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया।

प्रवासी मजदूर दुर्घटना अनुदान योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर

मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक प्रखंड में प्रवासी मजदूर दुर्घटना अनुदान योजना की गहन निगरानी की जाए, ताकि दुर्घटना में मृत प्रवासी श्रमिकों के आश्रितों को अधिक से अधिक योजनाओं का लाभ मिल सके।

उन्होंने कहा कि पात्र लाभुकों को समय पर सहायता उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसके लिए अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करना होगा।

निर्माण श्रमिकों के लिए सेस वसूली में तेजी लाने का निर्देश

बैठक में बिहार भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की समीक्षा के दौरान निर्माण श्रमिकों के लिए सेस वसूली पर विशेष जोर दिया गया। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि धावा दल के माध्यम से अधिक से अधिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर सेस संग्रहण में तेजी लाई जाए।

उन्होंने कहा कि बोर्ड की आय का प्रमुख स्रोत सरकारी एवं निजी निर्माण कार्यों से प्राप्त सेस है, जिसके आधार पर श्रमिकों के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का संचालन किया जाता है।

युवाओं को अधिक रोजगार देने के लिए रोजगार मेलों पर फोकस

नियोजन एवं युवा कौशल विकास विभाग की समीक्षा के दौरान मंत्री ने युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराने के लिए रोजगार मेलों और कुशल युवा कार्यक्रम (KYP) के सुचारू संचालन पर बल दिया।

उन्होंने रोजगार मेले के माध्यम से नौकरी प्राप्त करने वाले युवाओं द्वारा नौकरी छोड़ने की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त की और इसके कारणों का अध्ययन करने का निर्देश दिया।

न्यूनतम मजदूरी का उल्लंघन करने वाले नियोजकों पर होगी कार्रवाई

बैठक में मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि यदि कोई नियोजक श्रमिकों को निर्धारित न्यूनतम मजदूरी से कम भुगतान करता है तो उसके विरुद्ध न्यूनतम मजदूरी अधिनियम के तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए।

उन्होंने कहा कि श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा और उन्हें उचित मजदूरी दिलाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

बैठक में कई अधिकारी रहे उपस्थित

समीक्षात्मक बैठक में उप श्रमायुक्त विनोद प्रसाद, सहायक श्रमायुक्त पूनम कुमारी, श्रम अधीक्षक मृत्युंजय कुमार झा, उप निदेशक नियोजन, जिला नियोजन पदाधिकारी तथा जिले के सभी प्रखंडों के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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