प्रधानमंत्री किसान उत्सव दिवस पर मानपुर में जागरूकता कार्यक्रम, किसानों को मिली पीएम-किसान की 23वीं किस्त
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 20 जून 2026,
गयाजी: शनिवार को कृषि विज्ञान केंद्र, मानपुर में प्रधानमंत्री किसान उत्सव दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की 23वीं किस्त के हस्तांतरण, प्रधानमंत्री के संबोधन के लाइव प्रसारण एवं ‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत किसान जागरूकता एवं तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले भर से लगभग 500 किसानों, कृषि वैज्ञानिकों, जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने भाग लिया।
प्रधानमंत्री के संबोधन का हुआ लाइव प्रसारण
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तारकेश्वर, पश्चिम बंगाल से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त डीबीटी के माध्यम से देशभर के किसानों के खातों में हस्तांतरित की गई। इसका जीवंत प्रसारण कृषि विज्ञान केंद्र में उपस्थित किसानों को दिखाया गया।
मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी
कार्यक्रम में केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री जीतन राम मांझी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ आईसीएआर-अटारी पटना के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. डी.वी. सिंह, कृषि विज्ञान केंद्र मानपुर के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान मनोज कुमार राय तथा जिला कृषि पदाधिकारी संजीव कुमार भी मौजूद रहे।
प्राकृतिक खेती अपनाने का किया आह्वान
अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि किसानों की समृद्धि ही देश के विकास का आधार है। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक खेती एवं पारंपरिक कृषि पद्धतियों को अपनाने की अपील करते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती से न केवल मिट्टी की सेहत बेहतर होगी, बल्कि मानव स्वास्थ्य की भी रक्षा होगी।
उन्होंने कहा कि पहले के समय में किसान प्राकृतिक और पारंपरिक खाद्य पदार्थों का उपयोग करते थे, जिससे खेती टिकाऊ और स्वास्थ्य बेहतर रहता था। आज फिर उसी दिशा में लौटने की आवश्यकता है।
एमएसएमई योजनाओं से स्वरोजगार बढ़ाने पर जोर
केंद्रीय मंत्री ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए किसानों और ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि कृषि आधारित उद्योगों, प्रसंस्करण इकाइयों और ग्रामीण उद्यमों के माध्यम से रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं।
साथ ही उन्होंने किसानों के संगठन और सामूहिक प्रयासों पर बल देते हुए कहा कि संगठित होकर कार्य करने से किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
खेत बचाओ अभियान के तहत मिला तकनीकी प्रशिक्षण
कार्यक्रम में ‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत किसानों को मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, संतुलित उर्वरक उपयोग, प्राकृतिक खेती, जैविक खेती, जल संरक्षण एवं वैज्ञानिक कृषि तकनीकों की जानकारी दी गई।
आईसीएआर-अटारी पटना के डॉ. डी.वी. सिंह ने मृदा स्वास्थ्य संरक्षण एवं संतुलित पोषण प्रबंधन पर विशेष बल दिया, जबकि केवीके के प्रधान वैज्ञानिक मनोज कुमार राय ने कृषि विज्ञान केंद्र की गतिविधियों और वैज्ञानिक खेती के महत्व पर प्रकाश डाला। जिला कृषि पदाधिकारी संजीव कुमार ने किसानों को कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं से अवगत कराया।
वैज्ञानिकों ने बताए लागत कम करने के उपाय
तकनीकी सत्र में डॉ. फरहाना खातून ने प्राकृतिक खेती की अवधारणा पर विस्तार से जानकारी दी, जबकि डॉ. रश्मि प्रियदर्शी ने जीवामृत और जैविक खाद के उपयोग के लाभों पर चर्चा की। वैज्ञानिकों ने किसानों को खेती की लागत कम करने, मृदा स्वास्थ्य सुधारने तथा टिकाऊ कृषि अपनाने के उपाय बताए।
हरी खाद के लिए लगाए गए मूंग के प्रदर्शन प्लॉट का किया अवलोकन
कार्यक्रम के समापन के बाद केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी एवं अन्य अतिथियों ने कृषि विज्ञान केंद्र के प्रक्षेत्र का भ्रमण किया और हरी खाद के लिए लगाए गए मूंग (ग्रीन मैन्योर मूंग) के प्रदर्शन प्लॉट का निरीक्षण किया।
वैज्ञानिकों ने बताया कि हरी खाद के रूप में मूंग के उपयोग से मिट्टी में नाइट्रोजन और जैविक कार्बन की मात्रा बढ़ती है, जिससे मृदा की उर्वरता में सुधार होता है और अगली फसल के लिए पोषक तत्वों की उपलब्धता बढ़ जाती है।
500 किसानों की रही सहभागिता
कार्यक्रम में लगभग 500 किसान, कृषि विभाग के अधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अशोक कुमार, विषय वस्तु विशेषज्ञ (प्रसार शिक्षा), कृषि विज्ञान केंद्र मानपुर द्वारा किया गया। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों एवं कर्मियों ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
