तीन महीने में मगध पुलिसिंग में बड़ा बदलाव? IG विकास वैभव के कार्यकाल की 10 बड़ी बातें

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आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 12 अगस्त 2026,

गयाजी: मगध क्षेत्र में अपराध नियंत्रण, पुलिस जवाबदेही और जन-केंद्रित पुलिसिंग को लेकर पिछले तीन महीनों में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। 12 मई 2026 को पुलिस महानिरीक्षक, मगध क्षेत्र के रूप में विकास वैभव के पदभार ग्रहण करने के बाद गयाजी, औरंगाबाद, जहानाबाद, नवादा और अरवल जिलों में पुलिसिंग की समीक्षा और निगरानी को तेज किया गया।

पुलिस विभाग द्वारा जारी विवरण के अनुसार, इस अवधि में जनता दरबार में 10,450 से अधिक लोगों से संवाद, 3,210 से अधिक शिकायतों पर कार्रवाई के निर्देश, 12 पुलिस पदाधिकारियों के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई तथा गंभीर मामलों में छह SIT का गठन किया गया।

FIR में देरी और भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस

पदभार संभालने के बाद आईजी ने पुलिस पदाधिकारियों को प्राथमिकी दर्ज करने में अनावश्यक देरी, अपराध की धाराओं को कम करने, अवैध वसूली, महत्वपूर्ण घटनाओं की सूचना समय पर नहीं देने और अनुसंधान में निष्पक्षता की कमी जैसी शिकायतों पर शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाने का निर्देश दिया।

विभागीय विवरण के अनुसार, पिछले तीन महीनों में कुल 12 पुलिस पदाधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई करते हुए विभागीय कार्रवाई शुरू करने का आदेश दिया गया। इनमें थानाध्यक्ष, पुलिस निरीक्षक, दारोगा और सहायक अवर निरीक्षक स्तर के अधिकारी शामिल हैं।

इनमें पैसा मांगने, FIR दर्ज नहीं करने, अनुसंधान में लापरवाही, एकतरफा कार्रवाई तथा गंभीर मामले में संदिग्ध कार्यशैली जैसे आरोपों से जुड़े मामले शामिल हैं। पंचानपुर थाना के मामले में 11 अगस्त को थानाध्यक्ष समेत तीन पुलिस पदाधिकारियों को निलंबित किए जाने की कार्रवाई भी इसी क्रम में सामने आई है।

जनता दरबार में 10 हजार से ज्यादा लोगों से संवाद

पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय में नियमित जनता दरबार आयोजित किया जा रहा है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, तीन महीने में 10,450 से अधिक लोगों ने आईजी से मुलाकात की, जबकि 3,210 से अधिक लिखित आवेदन प्राप्त हुए।

इन शिकायतों पर संबंधित पुलिस पदाधिकारियों को विधिसम्मत कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसके अलावा 417 महत्वपूर्ण कांडों और 75 महत्वपूर्ण आवेदनों से जुड़े मामलों की विशेष समीक्षा कर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

हर महीने लोक संवाद गोष्ठी

पुलिस और आम लोगों के बीच संवाद बढ़ाने के लिए लोक संवाद गोष्ठी को भी प्राथमिकता दी गई है। अगस्त 2026 से यह कार्यक्रम प्रत्येक माह के द्वितीय शनिवार को आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।

इन कार्यक्रमों में आम नागरिकों के अलावा वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, कमजोर वर्गों, पर्यटकों और अप्रवासी भारतीयों की समस्याओं को सुनकर उनके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश देने की व्यवस्था की गई है।

गंभीर मामलों के लिए छह SIT

गंभीर और संवेदनशील मामलों के त्वरित अनुसंधान के लिए पिछले तीन महीनों में छह विशेष अनुसंधान दल (SIT) गठित किए गए।

इनमें गयाजी के गुरुआ में स्वर्ण व्यवसायी लूटकांड, मगध मेडिकल थाना क्षेत्र का चोरी का मामला, औरंगाबाद के ओबरा में अपहरण, बारुण में कार्यपालक पदाधिकारी की हत्या, दाउदनगर में चोरी तथा जहानाबाद के ओकरी थाना क्षेत्र के अपहरण मामले शामिल हैं।

ओबरा थाना क्षेत्र के मामले में अपहृत बच्चों की सकुशल बरामदगी हुई। इसी जांच के दौरान करीब चार वर्ष पुराने एक अन्य अपहरण मामले में भी एक बालक को बरामद किए जाने में सफलता मिली।

थानों और संवेदनशील इलाकों का निरीक्षण

आईजी ने विभिन्न जिलों में पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करने के अलावा थानों, पुलिस कंट्रोल रूम, ERSS, QRT और यातायात चेकपोस्टों का निरीक्षण किया।

गयाजी के मुफस्सिल थाना को पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर गोद लेकर उसकी कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा की गई। गुरुआ थाना का भी निरीक्षण किया गया।

रात्रि एवं प्रातःकालीन गश्ती, वाहन जांच, यातायात व्यवस्था तथा संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील स्थानों की स्थिति की भी समीक्षा की गई।

सहयोग शिविरों के जरिए गांवों तक पहुंच

गयाजी जिले के लखनपुर-मायापुर, बेलागंज, चेरकी, चंदौती और डोभी सहित विभिन्न क्षेत्रों में जिला प्रशासन के साथ मिलकर सहयोग शिविर आयोजित किए गए।

इन शिविरों में आईजी ने स्वयं लोगों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को समाधान के निर्देश दिए।

आंदोलन और भारत बंद के दौरान कानून-व्यवस्था पर जोर

23 जून को जहानाबाद में छात्र संगठनों और अभ्यर्थियों के आंदोलन से जुड़ी घटनाओं की समीक्षा की गई। इसके बाद 24 से 26 जून तक आहूत भारत बंद के दौरान पुलिस व्यवस्था को मजबूत रखने के निर्देश दिए गए। पुलिस के अनुसार, इस अवधि में मगध क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनी रही और जनजीवन सामान्य रहा।

गंभीर घटनाओं में घटनास्थल पर पहुंचकर समीक्षा

नवादा के नारदीगंज में पुलिस बल पर हमला, गयाजी के गुरुआ में स्वर्ण व्यवसायी से लूट, जहानाबाद के भेलावर में हत्या, घोषी में गोलीबारी, अरवल में पदाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के विवाद और औरंगाबाद के बारुण में कार्यपालक पदाधिकारी की हत्या जैसी घटनाओं के घटनास्थल का निरीक्षण कर अनुसंधान और गिरफ्तारी को लेकर दिशा-निर्देश दिए गए।

हाईकोर्ट के आदेश पर बेगूसराय मामले की SIT जांच

मगध क्षेत्र से बाहर भी आईजी कार्यालय को एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली। पटना हाईकोर्ट के आदेश के बाद बेगूसराय के वीरपुर थाना कांड संख्या 49/2021 का पुनः अनुसंधान पुलिस महानिरीक्षक, मगध क्षेत्र को सौंपा गया।

इसके बाद SIT का गठन किया गया और पुलिस के अनुसार मामले का उद्भेदन करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

निवेश और रोजगार के लिए सुरक्षित माहौल बनाने का लक्ष्य

आईजी की पहल का उद्देश्य केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं बताया गया है। पुलिस विभाग के अनुसार, मगध क्षेत्र में ऐसा विश्वासयुक्त और भयमुक्त वातावरण तैयार करने पर भी जोर है, जिसमें व्यापारी, निवेशक और उद्यमी बिना भय के उद्योग, स्टार्टअप और व्यवसाय स्थापित कर सकें।

तीन महीनों के आंकड़े बताते हैं कि पुलिसिंग में जवाबदेही, शिकायत निवारण, गंभीर मामलों की निगरानी और पुलिस-जन संवाद को प्रमुखता दी गई है। आने वाले महीनों में इन पहलों का वास्तविक प्रभाव अपराध दर, अनुसंधान की गुणवत्ता और आम नागरिकों के पुलिस पर भरोसे के स्तर से आंका जाएगा।

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