श्रावणी मेले से पहले सक्रिय हुआ प्रशासन, डीएम ने किया बराबर गुफाओं का निरीक्षण; सितंबर तक शुरू हो सकता है रोपवे
आर्यावर्त वाणी | जहानाबाद | 27 जून 2026,
जहानाबाद: बराबर गुफाएं को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर और अधिक विकसित करने की दिशा में जिला प्रशासन ने पहल तेज कर दी है। शनिवार को जहानाबाद के जिला पदाधिकारी ने बराबर पर्यटन क्षेत्र का भ्रमण कर पर्यटन एवं आधारभूत संरचना विकास कार्यों की समीक्षा की।
सितंबर 2026 तक पूरा हो सकता है रोपवे निर्माण
निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी ने पुल निर्माण निगम, गया प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता के साथ निर्माणाधीन रोपवे परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। कार्यपालक अभियंता ने बताया कि रोपवे का पूर्व परीक्षण (ट्रायल रन) सफलतापूर्वक कर लिया गया है और इसके सितंबर 2026 तक पूर्ण होने की संभावना है। रोपवे शुरू होने के बाद बराबर गुफाओं तक पर्यटकों की पहुंच और अधिक सुगम हो जाएगी।
श्रावणी मेले की तैयारियों का लिया जायजा
आगामी श्रावणी मेले को देखते हुए जिला पदाधिकारी ने संबंधित मार्गों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने श्रद्धालुओं के आगमन से पूर्व व्यवस्थाओं का प्रारंभिक आकलन करने और आवश्यक सुविधाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए, ताकि मेले के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
इको-टूरिज्म के तहत विकसित हो रही नई सुविधाएं
भ्रमण के दौरान वन विभाग के अधिकारियों ने जिला पदाधिकारी को अवगत कराया कि बराबर पर्यटन क्षेत्र में इको-टूरिज्म के विकास के लिए कई कार्य किए जा रहे हैं। इसके तहत गज़ीबो का जीर्णोद्धार, विश्राम स्थलों का निर्माण, रेलिंग, आगंतुकों के लिए आवश्यक सुविधाओं और अन्य आधारभूत संरचनाओं का विकास किया जा रहा है, जिससे पर्यटकों और श्रद्धालुओं का अनुभव और बेहतर हो सके।
राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगाए जाएंगे दिशा सूचक बोर्ड
जिला पदाधिकारी ने बताया कि संबंधित प्राधिकारियों से समन्वय कर राष्ट्रीय राजमार्ग-22 पर दिशा सूचक साइन बोर्ड और माइलस्टोन स्थापित कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बराबर गुफाएं पटना और गयाजी के बीच एक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल हैं और राष्ट्रीय राजमार्ग पर उचित साइनेज लगाए जाने से अधिक से अधिक पर्यटक इस अद्वितीय ऐतिहासिक धरोहर तक पहुंच सकेंगे।
पर्यटन को मिलेगा नया आयाम
जिला प्रशासन का मानना है कि रोपवे, इको-टूरिज्म सुविधाओं और बेहतर कनेक्टिविटी के विकास से बराबर गुफाएं धार्मिक एवं ऐतिहासिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में उभरेंगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलेगा।
