कुएं में मिला था युवक का शव, हत्या के मामले में SIT गठित; अभियुक्तों की गिरफ्तारी को सर्वोच्च प्राथमिकता
आर्यावर्त वाणी | औरंगाबाद | 11 सितंबर 2026
औरंगाबाद: जिले के देव थाना क्षेत्र में नवीन सिंह का शव कुएं से बरामद होने के मामले में मगध क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक विकास वैभव ने इसकी गंभीरता को देखते हुए विशेष अनुसंधान दल (SIT) का गठन किया है। पुलिस का उद्देश्य मामले का त्वरित उद्भेदन करते हुए हत्या में शामिल वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी करना है।
नवीन सिंह, पिता भरत सिंह, ग्राम दिवान बिगहा, थाना देव, जिला औरंगाबाद का शव कुएं में पाया गया था। इस संबंध में प्रारंभ में देव थाना यूडी कांड संख्या 14/23 दर्ज किया गया था। अग्रतर अनुसंधान में मामला हत्या की कोटि का पाए जाने के बाद देव थाना कांड संख्या 126/2025, दिनांक 20 मई 2025, धारा 302/201 भादवि के तहत दर्ज किया गया था।
सदर-02 एसडीपीओ के नेतृत्व में SIT
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक, मगध क्षेत्र, विकास वैभव के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सदर-02 औरंगाबाद आदित्य कुमार के नेतृत्व में विशेष अनुसंधान दल गठित किया गया है।
SIT में आदित्य कुमार को टीम प्रभारी बनाया गया है। टीम के अन्य सदस्यों में अनुसंधानकर्ता सह अंचल पुलिस निरीक्षक मदनपुर गोपाल सिंह, देव थानाध्यक्ष कुमार सौरभ, ओबरा थानाध्यक्ष नीतिश कुमार, देव थाना की पुलिस अवर निरीक्षक रूबी कुमारी, मुफस्सिल थाना की पुलिस अवर निरीक्षक नितु कुमारी, नगर थाना के पुलिस अवर निरीक्षक रितेश उपाध्याय, डीआईयू सेल प्रभारी चन्द्रहास सिंह तथा डीआईयू सेल के पीटीसी सिपाही मुन्ना कुमार साह शामिल हैं।
वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर होगी जांच
पुलिस महानिरीक्षक ने SIT को मामले का शीघ्र उद्भेदन करने और हत्या में संलिप्त अभियुक्तों की गिरफ्तारी को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है। टीम स्थानीय पुलिस एवं अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और अन्य वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण करेगी। इसके अलावा संभावित ठिकानों पर तत्काल छापामारी एवं सर्च अभियान चलाने का निर्देश भी दिया गया है।
हर 24 घंटे में IG को देनी होगी प्रगति रिपोर्ट
पुलिस अधीक्षक, औरंगाबाद को पूरे मामले के अनुसंधान की स्वयं समीक्षा करने तथा समीक्षात्मक प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। साथ ही अनुसंधान में हुई प्रगति से प्रत्येक 24 घंटे पर आईजी को अवगत कराने को कहा गया है।
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद लंबे समय से लंबित इस हत्या कांड के उद्भेदन और इसमें शामिल अभियुक्तों की गिरफ्तारी को लेकर जांच तेज होने की उम्मीद है।
