पितृपक्ष मेला 2026 को लेकर डाक विभाग की विशेष पहल, विशेष लिफाफे और पोस्टकार्ड पर अंकित होगा आधिकारिक लोगो
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 11 सितंबर 2026
गयाजी: गयाजी में आगामी पितृपक्ष मेला 2026 को लेकर जिला प्रशासन की तैयारियां तेज हो गई हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और मेले के व्यापक प्रचार-प्रसार को लेकर विभिन्न स्तरों पर तैयारियां की जा रही हैं। इसी क्रम में डाक विभाग ने भी विशेष पहल करते हुए मेला अवधि के दौरान इस्तेमाल होने वाले लिफाफों, पोस्टकार्ड और बंडलों पर पितृपक्ष मेला 2026 का आधिकारिक लोगो प्रदर्शित करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में डाक विभाग द्वारा जिला पदाधिकारी गयाजी को भी सूचित किया गया है।
धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाता है आधिकारिक लोगो
पितृपक्ष मेला 2026 का आधिकारिक लोगो गयाजी की धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। इसमें पिंडदान की परंपरा, तर्पण करते हुए हाथ, मोक्षभूमि गयाजी का ऐतिहासिक विष्णुपद मंदिर, पवित्र फल्गु नदी की लहरें और गयाजी की पहचान अक्षयवट को दर्शाया गया है।
आधिकारिक लोगो का चयन स्थानीय बच्चों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित प्रतियोगिता के माध्यम से किया गया है। मुख्य लोगो के अतिरिक्त चयनित नौ अन्य लोगो का भी प्रचार-प्रसार में उपयोग किया जाएगा। वहीं, ‘पेंट द सिटी’ पहल के तहत 27 समूहों द्वारा दीवारों, घाटों और प्रमुख चौराहों पर पौराणिक कथाओं तथा गयाजी की धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत से संबंधित चित्रकारी की जा रही है।
श्रद्धालुओं के लिए चलंत एटीएम की सुविधा
डाक विभाग की ओर से विशेष लोगो वाले लिफाफे और पोस्टकार्ड उपलब्ध कराने के साथ-साथ पितृपक्ष मेला क्षेत्र में चलंत एटीएम की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। मोबाइल एटीएम के माध्यम से श्रद्धालुओं को मेला क्षेत्र में आवश्यकता के अनुसार नकदी निकालने की सुविधा मिलेगी। जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर ने डाक विभाग की इस पहल को श्रद्धालुओं के लिए उपयोगी और सराहनीय कदम बताया है।
तकनीक के इस्तेमाल से बेहतर होगा भीड़ प्रबंधन
पितृपक्ष मेला 2026 में श्रद्धालुओं की सुविधा और भीड़ प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए तकनीक आधारित समाधानों पर भी जोर दिया जा रहा है। मेला क्षेत्र में ट्रायल के आधार पर एआई आधारित जियो-फेंसिंग और फेसिंग तकनीक के इस्तेमाल पर विचार किया जा रहा है। विभिन्न कंपनियों द्वारा जिला प्रशासन के समक्ष इसका डेमो भी प्रस्तुत किया गया है। सफल परीक्षण के बाद इसके व्यापक उपयोग की संभावना पर निर्णय लिया जाएगा।
बच्चों की सुरक्षा के लिए क्यूआर कोड वाला सुरक्षा बैंड
मेले में परिवार के साथ आने वाले छोटे बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए क्यूआर कोड आधारित सुरक्षा बैंड उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। बैंड में अभिभावकों का विवरण और संपर्क नंबर दर्ज रहेगा। बच्चा परिवार से अलग होने की स्थिति में क्यूआर कोड स्कैन कर अभिभावकों से संपर्क स्थापित किया जा सकेगा।
70 हजार श्रद्धालुओं के ठहरने की तैयारी
पितृपक्ष मेला के दौरान देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए व्यापक आवासन व्यवस्था की जा रही है। करीब 70 हजार श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था प्रस्तावित है। गांधी मैदान में लगभग 2,500 बेड की टेंट सिटी भी तैयार की जा रही है।
श्रद्धालुओं को किफायती और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के लिए जीविका दीदी की रसोई के माध्यम से मात्र 25 रुपये में भरपेट भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है।
बेहतर प्रशासनिक प्रबंधन के लिए मेला क्षेत्र को 5 जोन और 54 सेक्टर में विभाजित किया गया है। स्वच्छता एवं श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शौचालय, स्नानागार और चेंजिंग रूम की व्यापक व्यवस्था की जा रही है।
पेयजल, स्वास्थ्य और परिवहन पर भी विशेष तैयारी
मेला क्षेत्र की सड़कों और संपर्क मार्गों की मरम्मत एवं आवश्यक सुधार कार्य कराए जा रहे हैं। पेयजल की व्यवस्था के लिए चापाकल, प्याऊ, नल, वॉटर टैंकर और वॉटर एटीएम लगाए जाएंगे।
श्रद्धालुओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न स्थानों पर स्वास्थ्य शिविर स्थापित किए जाएंगे। परिवहन सुविधा के लिए रिंग बस और ई-रिक्शा की व्यवस्था की जा रही है। बुजुर्ग एवं दिव्यांग श्रद्धालुओं को स्वयंसेवकों की सहायता से व्हीलचेयर के माध्यम से पिंडवेदी तक पहुंचाने की व्यवस्था भी की जाएगी।
25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक प्रस्तावित है मेला
पितृपक्ष मेला 2026 का आयोजन 25 सितंबर से 10 अक्टूबर 2026 तक प्रस्तावित है। जिला प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, स्वच्छता, आवासन, पेयजल, प्रकाश, यातायात और स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित तैयारियों को समयबद्ध तरीके से अंतिम रूप दिया जा रहा है।
