सीयूएसबी के शारीरिक शिक्षा विभाग के शोधार्थियों अनंत और अभिनव ने अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में प्रस्तुत किए शोध-पत्र
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 11 सितंबर 2026
गयाजी: दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के शारीरिक शिक्षा विभाग के शोधार्थी अनंत सांडिल्य एवं अभिनव आनंद ने नेपाल के काठमांडू स्थित नेशनल कॉलेज द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “अनुप्रयुक्त मनोविज्ञान: व्यवहार विज्ञान की उन्नति” में सहभागिता करते हुए अपने शोध-पत्र प्रस्तुत किए। दोनों शोधार्थी शारीरिक शिक्षा विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. राहुल सिंह के पर्यवेक्षण में शोध कार्य कर रहे हैं।
अनुप्रयुक्त मनोविज्ञान और व्यवहार विज्ञान पर हुआ विचार-विमर्श
अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्देश्य अनुप्रयुक्त मनोविज्ञान एवं व्यवहार विज्ञान के क्षेत्र में नवीन शोध, विचारों और व्यावहारिक दृष्टिकोणों का आदान-प्रदान करना था। सम्मेलन में विभिन्न देशों और संस्थानों से पहुंचे शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों एवं विशेषज्ञों ने अपने शोध कार्य प्रस्तुत किए तथा संबंधित विषयों पर विचार-विमर्श किया।
वॉलीबॉल प्रदर्शन और खिलाड़ियों के सामना करने के कौशल पर शोध
सम्मेलन के दौरान अभिनव आनंद ने “वॉलीबॉल प्रदर्शन के प्रत्यक्षण-गतिशील निर्धारक: गहराई प्रत्यक्षण एवं प्रतिक्रिया समय का सहसंबंधात्मक अध्ययन” विषय पर अपना शोध-पत्र प्रस्तुत किया। शोध में वॉलीबॉल प्रदर्शन से जुड़े प्रत्यक्षण, गहराई प्रत्यक्षण और प्रतिक्रिया समय के बीच संबंधों का अध्ययन किया गया।
वहीं अनंत सांडिल्य ने “एथलीटों के सामना करने के कौशल का बहुआयामी आकलन तथा वॉलीबॉल खिलाड़ियों के प्रतिस्पर्धात्मक प्रदर्शन के साथ उनका संबंध” विषय पर अपना शोध-पत्र प्रस्तुत किया। दोनों शोध-पत्रों को सम्मेलन में सकारात्मक प्रतिक्रिया प्राप्त हुई।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर शोध प्रस्तुत करने का मिला अवसर
इस सहभागिता के माध्यम से दोनों शोधार्थियों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने शोध कार्य प्रस्तुत करने के साथ विभिन्न विशेषज्ञों एवं शोधकर्ताओं से संवाद करने का अवसर मिला। साथ ही उन्हें नवीन शोध-विधियों, विचारों और व्यवहार विज्ञान से जुड़े समकालीन शोध को समझने का भी अवसर प्राप्त हुआ।
कुलपति और विभागाध्यक्ष ने दी बधाई
सीयूएसबी के कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह, शारीरिक शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. आशीष सिंह एवं अन्य संकाय सदस्यों ने दोनों शोधार्थियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। विश्वविद्यालय परिवार ने उनके उज्ज्वल अकादमिक एवं शोध भविष्य की कामना की।
