सीयूएसबी में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के परिप्रेक्ष्य में फार्मेसी शोध एवं नवाचार पर संगोष्ठी आयोजित

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आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 28 फरवरी 2026,

गयाजी; दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ हेल्थ साइंस अंतर्गत फार्मेसी विभाग द्वारा विश्वविद्यालय स्थापना दिवस के अवसर पर “राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के परिप्रेक्ष्य में फार्मेसी में शोध एवं नवाचार” विषय पर विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम कुलपति कामेश्वर नाथ सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ, जिसमें फार्मेसी शिक्षा, शोध और नवाचार से जुड़े विभिन्न आयामों पर विस्तृत चर्चा की गई।

मुख्य अतिथि का संबोधन: स्वास्थ्य सेवाओं में फार्मासिस्ट की भूमिका

मुख्य अतिथि विजय कुमार कारण, पूर्व प्राध्यापक (बाल रोग), अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज, ने अपने संबोधन में स्वास्थ्य सेवाओं में फार्मासिस्ट की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि दवाओं की शुद्धता, गुणवत्ता नियंत्रण तथा मानकीकरण सुनिश्चित करने में फार्मासिस्ट की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, जो सुरक्षित और प्रभावी उपचार की आधारशिला है।

विशिष्ट अतिथि ने शोध एवं नवाचार पर दिया जोर

विशिष्ट अतिथि नवीन सेठ, पूर्व कुलपति, गुजरात टेक्नोजिकल यूनिवर्सिटी, ने विद्यार्थियों को शोध आधारित अध्ययन और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए उच्च गुणवत्ता वाले अनुसंधान और तकनीकी दक्षता आवश्यक है।

कुलपति का अध्यक्षीय संबोधन: शिक्षा समाज परिवर्तन का माध्यम

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अध्यक्षीय संबोधन में कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह ने शिक्षा को समाज के अंतिम पायदान तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल व्यक्तिगत विकास तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण का प्रमुख साधन बननी चाहिए।

विभागीय प्रस्तुतियाँ और शैक्षणिक प्रगति पर चर्चा

जनसंपर्क पदाधिकारी मो0 मुद्दसिर आलम ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत भाषण से हुई, जिसे विभागाध्यक्ष विवेक दवे ने प्रस्तुत किया। उन्होंने विभाग की शैक्षणिक उपलब्धियों और शोध संस्कृति पर प्रकाश डाला। इसके बाद अधिष्ठाता सुब्रता कुमार भट्टमिश्रा ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति को उच्च शिक्षा में परिवर्तनकारी कदम बताते हुए फार्मेसी शिक्षा को कौशल और शोध आधारित बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

विशेषज्ञ व्याख्यान और विद्यार्थियों की प्रदर्शनी रही आकर्षण का केंद्र

स्कूल ऑफ अर्थ, बायोलॉजिकल एंड एनवायरनमेंटल साइंसेज के अधिष्ठाता रिजवानुल हक ने भी विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण विद्यार्थियों द्वारा तैयार प्रोटोटाइप एवं उत्पाद प्रदर्शनी रही, जिसने नवाचार की दिशा में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी को दर्शाया।

कार्यक्रम का संचालन विभाग के प्राध्यापक गिरीश कुमार सिंह एवं विभास सी मोहंता के मार्गदर्शन में किया गया तथा धन्यवाद ज्ञापन सहायक प्राध्यापक अरुण कुमार ने प्रस्तुत किया।

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