लड़के को लगी सरकारी नौकरी तो घरवालों ने तय रिश्ता दिया तोड़, वैश्य चेतना समिति ने दिया वर पक्ष को ₹8.50 लाख लौटाने का आदेश

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आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 31 मार्च 2026,

गयाजी; जिले के खिजरसराय में वैश्य चेतना समिति के तत्वावधान में एक गंभीर वैवाहिक विवाद का सामाजिक स्तर पर समाधान कर दिया गया। 31 मार्च 2026 को आयोजित विशेष सभा में दोनों पक्षों की मौजूदगी में आपसी सहमति से सुलहनामा तैयार किया गया, जिसमें वर पक्ष को कुल ₹8.50 लाख की राशि लौटाने का आदेश दिया गया।

विवाह से पहले टूटा रिश्ता बना विवाद की वजह

मामला जहानाबाद निवासी वधू पक्ष और खिजरसराय निवासी वर पक्ष (रजनीश कुमार, पिता- रामाशीष साव) के बीच तय विवाह से जुड़ा था। जानकारी के अनुसार, 5 दिसंबर 2025 को विवाह की तिथि निर्धारित थी। रिश्ते के समय लड़का बेरोजगार था, लेकिन शादी से कुछ दिन पहले उसे सरकारी नौकरी मिल गई, जिसके बाद वर पक्ष के व्यवहार में बदलाव आ गया और अंततः बिना ठोस कारण के रिश्ता तोड़ दिया गया।

वधू पक्ष को हुआ आर्थिक व मानसिक नुकसान

वधू पक्ष द्वारा शादी की तैयारियों में होटल, फोटोग्राफी सहित अन्य व्यवस्थाओं पर भारी खर्च किया गया था। रिश्ता टूटने से उन्हें आर्थिक और मानसिक दोनों तरह का नुकसान हुआ, जिसके बाद मामला समिति के पास पहुंचा।

समिति ने की जांच, दोनों पक्षों को सुना

वैश्य चेतना समिति ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच टीम गठित की और 31 मार्च को आयोजित बैठक में दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। भौतिक सत्यापन के बाद समिति ने पाया कि वधू पक्ष को भारी आर्थिक क्षति हुई है।

₹8.50 लाख लौटाने का आदेश

समिति ने सामाजिक न्याय को ध्यान में रखते हुए वर पक्ष को कुल ₹8,50,000 लौटाने का आदेश दिया। इसमें ₹6 लाख वधू के अभिभावकों को, ₹2 लाख सीधे वधू के बैंक खाते में आर्थिक दंड के रूप में तथा ₹51 हजार समाज कल्याण कोष में जमा कराने का निर्णय लिया गया।

दोनों पक्षों की सहमति से हुआ समझौता

समिति के अनुसार, दोनों पक्षों ने बिना किसी दबाव के इस निर्णय को स्वीकार किया है। साथ ही यह भी तय हुआ कि निर्धारित राशि प्राप्त होने के बाद वधू पक्ष भविष्य में किसी न्यायालय में कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करेगा।

सामाजिक स्तर पर समाधान की मिसाल

यह सुलहनामा क्षेत्र में सामाजिक स्तर पर विवाद समाधान की एक मिसाल बनकर सामने आया है, जहां बिना कानूनी प्रक्रिया के आपसी सहमति से न्याय सुनिश्चित किया गया।

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