गयाजी में उर्वरक दुकानों पर बड़ी कार्रवाई, 13 लाइसेंस निलंबित, दो दुकान सील

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आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 31 मार्च 2026,

गयाजी; जिले के डीएम शशांक शुभंकर के निर्देश पर झारखंड सीमा से सटे प्रखंडों में उर्वरक प्रतिष्ठानों के खिलाफ गहन जांच और छापेमारी अभियान चलाया गया। इस कार्रवाई में अनियमितता पाए जाने पर 13 खुदरा उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित किए गए, जबकि दो दुकानों को सील कर प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

मार्च में हुई उर्वरकों की भारी बिक्री

जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि मार्च महीने में जिले में 909.62 मीट्रिक टन यूरिया, 178 मीट्रिक टन डीएपी और 309 मीट्रिक टन एनपीके मिश्रण की बिक्री दर्ज की गई है।

03 दुकानदारों से मांगा गया स्पष्टीकरण

जांच के दौरान तीन दुकानदारों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गलत तरीके से उर्वरक की बिक्री करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

रबी फसलों की कटाई के बावजूद बढ़ी खरीद

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अधिकारियों के अनुसार, इस समय रबी फसलों जैसे गेहूं, सरसों, चना, मटर आदि की कटाई चल रही है या पूरी हो चुकी है। इसके बावजूद किसानों द्वारा उर्वरकों की अधिक खरीद चिंताजनक है, जिससे कालाबाजारी की आशंका बढ़ रही है।

असंतुलित उपयोग से मिट्टी को नुकसान

जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि बिना आवश्यकता के उर्वरकों का अधिक उपयोग मिट्टी की सेहत पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहा है। किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के लिए नियमित रूप से प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।

जिले में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध

वर्तमान में जिले में यूरिया के 1,56,783 बैग, डीएपी के 61,060 बैग, एनपीके के 1,37,420 बैग और पोटाश के 19,178 बैग उपलब्ध हैं। किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए लगातार आपूर्ति की जा रही है।

कालाबाजारी रोकने को सख्ती जारी

कृषि विभाग ने बताया कि खरीफ सीजन के लिए भी पर्याप्त उर्वरकों का भंडारण किया जा रहा है। इस तरह की छापेमारी का मुख्य उद्देश्य उर्वरकों की कालाबाजारी पर रोक लगाना और किसानों को सही समय पर उचित मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराना है।

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