खिजरसराय की दो प्रतिभाओं ने NEET-UG में लहराया परचम, रोहित और चंद्रमणि की सफलता से क्षेत्र गौरवान्वित

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आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 18 जुलाई 2026,

गयाजी: जिले के खिजरसराय प्रखंड की दो होनहार प्रतिभाओं ने NEET-UG परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। खिजरसराय नगर पंचायत के रोहित राज और चिरैली गांव की चंद्रमणि कुमारी की उपलब्धि पर क्षेत्र में खुशी का माहौल है। दोनों की सफलता को स्थानीय लोग मेहनत, लगन और संघर्ष का प्रेरणादायी उदाहरण बता रहे हैं।

पहले ही प्रयास में रोहित राज ने रचा इतिहास

खिजरसराय के व्यवसायी प्रहलाद साव के पुत्र रोहित राज (रोहित कुमार) ने अपने पहले ही प्रयास में 623 अंक प्राप्त कर ऑल इंडिया रैंक (AIR) 4550 तथा ओबीसी श्रेणी में 1830वीं रैंक हासिल की है।

रोहित ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा यशवंत हाई स्कूल, खिजरसराय से प्राप्त की। इसके बाद पटना में रहकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी की। उनके पिता ने बताया कि पढ़ाई के साथ-साथ रोहित परिवार की कॉस्मेटिक दुकान पर भी हाथ बंटाते थे। उनकी सादगी, अनुशासन और कड़ी मेहनत ने आज उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है।

चिरैली की बेटी चंद्रमणि ने भी बढ़ाया जिले का मान

खिजरसराय प्रखंड के चिरैली गांव की चंद्रमणि कुमारी ने 607 अंक प्राप्त कर ऑल इंडिया रैंक 7937 तथा ओबीसी वर्ग में 3443वीं रैंक हासिल की है।

चंद्रमणि, चिरैली निवासी श्रीराम कुमार की पुत्री हैं, जो ईंट-भट्ठा व्यवसाय से जुड़े हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव में पूरी की। मैट्रिक रामप्यारी उच्च विद्यालय, चिरैली से तथा इंटरमीडिएट गया कॉलेज से करने के बाद पिछले दो वर्षों से कोटा में रहकर नीट की तैयारी कर रही थी।

परिजनों ने सफलता का श्रेय मेहनत और आत्मविश्वास को दिया

रोहित के पिता प्रहलाद साव और चंद्रमणि के पिता श्रीराम कुमार ने अपनी संतानों की सफलता पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि उनकी वर्षों की मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास का परिणाम है। उन्होंने कहा कि बच्चों ने पूरे परिवार और क्षेत्र का सम्मान बढ़ाया है।

क्षेत्र में बधाइयों का तांता

दोनों विद्यार्थियों की सफलता पर क्षेत्र में खुशी की लहर है। शुभचिंतक लगातार उनके घर पहुंचकर बधाई और शुभकामनाएं दे रहे हैं। वैश्य चेतन चैरिटेबल ट्रस्ट सहित कई सामाजिक संगठनों और क्षेत्रवासियों ने रोहित राज को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं। वहीं चंद्रमणि की उपलब्धि पर भी ग्रामीणों ने गर्व व्यक्त करते हुए उनके डॉक्टर बनने के सपने के लिए शुभकामनाएं दीं।

युवाओं के लिए बने प्रेरणा स्रोत

ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर राष्ट्रीय स्तर की कठिन परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले रोहित राज और चंद्रमणि कुमारी आज क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गए हैं। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि सीमित संसाधनों के बावजूद दृढ़ संकल्प, निरंतर मेहनत और सही मार्गदर्शन से बड़ी से बड़ी मंजिल हासिल की जा सकती है।

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