खगड़िया में मनरेगा के कार्यक्रम पदाधिकारी और लेखापाल ₹45 हजार रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार
आर्यावर्त वाणी | खगड़िया | 28 जुलाई 2026,
खगड़िया: बिहार में भ्रष्टाचार के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (वीआईबी) को एक और बड़ी सफलता मिली है। ब्यूरो की मुख्यालय टीम ने मंगलवार को खगड़िया जिले के अलौली प्रखंड में कार्रवाई करते हुए मनरेगा के कार्यक्रम पदाधिकारी रमन जी एवं लेखापाल मो. शाहिद अकरम को ₹45,000 की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। दोनों की गिरफ्तारी अलौली प्रखंड कार्यालय परिसर से की गई।
बिल भुगतान के एवज में मांगी गई थी रिश्वत
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अनुसार, भिखारीघाट निवासी विपिन कुमार ने पटना स्थित ब्यूरो कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि मनरेगा योजना के तहत आपूर्ति किए गए सामान के बिल भुगतान के बदले कार्यक्रम पदाधिकारी और लेखापाल द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही है।
सत्यापन के बाद बिछाया गया जाल
शिकायत मिलने के बाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने मामले का सत्यापन कराया। जांच में रिश्वत मांगने के आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसके बाद निगरानी थाना कांड संख्या-088/26 दर्ज कर पुलिस उपाधीक्षक मो. वसीम फिरोज के नेतृत्व में विशेष ट्रैप टीम का गठन किया गया।
रंगेहाथ गिरफ्तारी, आगे की कार्रवाई जारी
पूर्व नियोजित कार्रवाई के दौरान ट्रैप टीम ने दोनों आरोपियों को ₹45,000 की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद दोनों से पूछताछ की जा रही है। इसके उपरांत उन्हें माननीय विशेष न्यायालय (निगरानी), भागलपुर में प्रस्तुत किया जाएगा। मामले में आगे की अनुसंधानात्मक कार्रवाई जारी है।
2026 में निगरानी की 88वीं एफआईआर
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने बताया कि वर्ष 2026 में भ्रष्टाचार के विरुद्ध यह 88वीं प्राथमिकी दर्ज की गई है। इनमें 81 ट्रैप (रिश्वत) मामले शामिल हैं, जिनमें अब तक 82 आरोपियों को रंगेहाथ गिरफ्तार किया जा चुका है। इन कार्रवाइयों में कुल ₹29,63,800 की रिश्वत राशि बरामद हुई है।
