प्रतिभा बाल विद्या मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता, राधा-कृष्ण के रूप में सजे नन्हे बच्चों ने मोहा मन
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 03 सितम्बर 2026
गयाजी: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर प्रतिभा बाल विद्या मंदिर, खिजरसराय में Nursery से UKG तक के बच्चों के बीच फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में खिजरसराय थाना की नवपदस्थापित थानाध्यक्ष नेहा कुमारी उपस्थित रहीं। उन्होंने बच्चों की प्रस्तुतियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

राधा-कृष्ण के रूप में बच्चों की मनमोहक प्रस्तुति
प्रतियोगिता में नन्हे-मुन्ने बच्चे भगवान श्रीकृष्ण और श्रीराधा के आकर्षक रूप में सजकर मंच पर पहुंचे। बच्चों की वेशभूषा, साज-सज्जा, संवाद अदायगी और आत्मविश्वास ने उपस्थित अभिभावकों एवं दर्शकों का मन मोह लिया। बच्चों के साथ बड़ी संख्या में उनके अभिभावक भी कार्यक्रम में मौजूद रहे और उन्होंने बच्चों का उत्साह बढ़ाया।
इन मानकों पर हुआ बच्चों का मूल्यांकन
प्रतियोगिता में बच्चों का मूल्यांकन उनकी साज-सज्जा, स्टेज प्रेजेंस, संवाद अदायगी, कॉन्फिडेंस एवं क्रिएटिविटी के आधार पर किया गया। निर्णायकों द्वारा प्रत्येक वर्ग से प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले बच्चों का चयन किया गया।

पुरस्कृत बच्चों की सूची
UKG-A
प्रथम — सुप्रिया
द्वितीय — अर्णव
तृतीय — रिया
UKG-B
प्रथम — निशांत
द्वितीय — रिद्धि
तृतीय — सिद्धि
LKG-A
प्रथम — अद्विका
द्वितीय — अभिजीत
तृतीय — रूद्रा
LKG-B
प्रथम — श्रुति
द्वितीय — रुद्रा
तृतीय — जान्हवी
Nursery-A
प्रथम — हरिद्यांश
द्वितीय — अर्चना विजय
तृतीय — श्रद्धा
Nursery-B
प्रथम — सौम्या
द्वितीय — अनिकेश
तृतीय — रुतविका
सभी विजेता बच्चों को विद्यालय की ओर से पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। पुरस्कार प्राप्त करने के बाद बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला।
बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाते हैं ऐसे आयोजन : नेहा कुमारी
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि एवं खिजरसराय थाना की थानाध्यक्ष नेहा कुमारी ने बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन बच्चों के अंदर छिपी प्रतिभा को सामने लाने का बेहतर माध्यम हैं। छोटी उम्र में मंच पर आकर अपनी प्रस्तुति देना बच्चों के आत्मविश्वास को मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति एवं त्योहारों से बच्चों को जोड़ना भी जरूरी है, क्योंकि इससे वे अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों को बेहतर ढंग से समझ पाते हैं। उन्होंने सभी बच्चों को शुभकामनाएं देते हुए विद्यालय प्रबंधन के इस प्रयास की सराहना की।
संस्कृति से जोड़ने का प्रयास : राकेश कुमार ओझा
विद्यालय के प्रधानाध्यापक राकेश कुमार ओझा ने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियों से बच्चों के व्यक्तित्व में निखार आता है और वे अपनी जड़ों से जुड़े रहते हैं। ऐसे आयोजनों से बच्चों को अपनी संस्कृति को नजदीक से देखने, समझने और उसे आत्मसात करने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ इस प्रकार की रचनात्मक गतिविधियां बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

बच्चों में रचनात्मकता के लिए आगे भी होंगे आयोजन : अजय कुमार सिन्हा
विद्यालय के डायरेक्टर अजय कुमार सिन्हा ने कहा कि बच्चों में चंचलता, रचनात्मकता और आत्मविश्वास लाने के लिए इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यालय में आगे भी आयोजित किए जाते रहेंगे। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि नेहा कुमारी, अभिभावकों एवं सभी आगंतुक अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।
