इस्कॉन मंदिर गयाजी में जन्माष्टमी की भव्य तैयारी पूरी, एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना; सुरक्षा-यातायात को लेकर मंदिर प्रशासन चिंतित
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 03 सितंबर 2026
गयाजी: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव को लेकर इस्कॉन गयाजी में तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। 4 सितंबर 2026 को भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य दिवस पर इस्कॉन गयाजी में भव्य आयोजन किया जाएगा। मंदिर प्रशासन के अनुसार, इस वर्ष जन्माष्टमी के अवसर पर एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
इस्कॉन गयाजी के मंदिर अध्यक्ष जगदीश श्याम दास ने बताया कि मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों को फूलों, रंग-बिरंगी रोशनी, आकर्षक सजावट और विशेष झांकियों से सजाया गया है। भगवान श्रीकृष्ण के विशेष पोशाक एवं श्रृंगार की तैयारियां भी पूरी कर ली गई हैं। गयाजी धामवासियों को महोत्सव में आमंत्रित करने के लिए भक्त एवं स्वयंसेवक घर-घर जाकर निमंत्रण भी दे रहे हैं।
दर्शन और भीड़ प्रबंधन के लिए व्यापक तैयारी
भारी संख्या में श्रद्धालुओं के संभावित आगमन को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने दर्शन, भीड़ प्रबंधन, स्वयंसेवक व्यवस्था, प्रसाद वितरण और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं का तिलक एवं इत्र से स्वागत किया जाएगा। पूरे दिन अखंड हरिनाम संकीर्तन, श्रीकृष्ण कथा सहित विभिन्न आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर प्रशासन से अपील
एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं के संभावित आगमन को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है। अध्यक्ष जगदीश श्याम दास ने बताया कि जिला प्रशासन एवं संबंधित अधिकारियों से लिखित आवेदन, व्यक्तिगत अनुरोध और फोन के माध्यम से पर्याप्त बैरिकेडिंग, सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है।
मंदिर प्रशासन की ओर से करीब 100 बैरिकेड उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है, ताकि श्रद्धालुओं की लंबी कतार को व्यवस्थित तरीके से नियंत्रित किया जा सके। मंदिर अध्यक्ष ने कहा कि स्थानीय प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अपेक्षित स्तर की तैयारी अभी तक दिखाई नहीं दे रही है, हालांकि मंदिर प्रशासन अपने स्तर से भी भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था कर रहा है।
तेज रफ्तार वाहनों और रोशनी की कमी पर चिंता
मंदिर अध्यक्ष ने मंदिर के सामने की सड़क पर तेज गति से चलने वाले वाहनों से दुर्घटना की आशंका भी जताई। उन्होंने कहा कि सड़क पर पर्याप्त स्ट्रीट लाइट और स्पीड ब्रेकर की कमी भी चिंता का विषय है।
उन्होंने प्रशासन से अपील की कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पर्याप्त पुलिस बल, बैरिकेडिंग, यातायात नियंत्रण, प्रकाश व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुरक्षा प्रबंध तत्काल सुनिश्चित किए जाएं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना की संभावना को रोका जा सके।
पांच भव्य झांकियां रहेंगी आकर्षण का केंद्र
इस वर्ष जन्माष्टमी महोत्सव में पांच विशेष झांकियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेंगी। इनमें दो झूला झांकियां और तीन मंदिर झांकियां शामिल हैं। विशेष आकर्षण के रूप में श्रद्धालुओं को वृंदावन वाले श्री राधारमण जी के दर्शन का अवसर मिलेगा। मंदिर परिसर को फूलों, आकर्षक रोशनी और रंगोली से भव्य रूप से सजाया गया है।
मंगल आरती से महाआरती तक होंगे विशेष आयोजन
जन्माष्टमी के दिन कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 4:30 बजे मंगल आरती से होगी। इसके बाद 5:30 बजे मंत्र ध्यान, 7:30 बजे गुरु पूजा और सुबह 8 बजे श्रीकृष्ण कथा आयोजित होगी।
रात्रि 9 बजे भगवान श्रीकृष्ण का महाभिषेक शुरू होगा। इसमें पंचगव्य, पंचामृत, विभिन्न फलों के रस, तीर्थ जल, गुलाब जल और चंदन सहित पवित्र द्रव्यों का प्रयोग किया जाएगा।
रात्रि 11:30 बजे 108 भोग अर्पित किए जाएंगे और मध्यरात्रि 12 बजे महाआरती होगी। इसके बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया जाएगा।
5 सितंबर को नंदोत्सव और श्रील प्रभुपाद आविर्भाव दिवस
जन्माष्टमी के अगले दिन 5 सितंबर को नंदोत्सव एवं श्रील प्रभुपाद आविर्भाव दिवस मनाया जाएगा। दोपहर 12 बजे पुष्पांजलि, भोग एवं आरती होगी। शाम 4 बजे से रात 8 बजे तक विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें हरिनाम संकीर्तन, सांस्कृतिक नृत्य, नाटक और श्रील प्रभुपाद की महिमा का गुणगान प्रमुख रहेगा। इस अवसर पर करीब 10 हजार लोगों के लिए भंडारा प्रसाद की व्यवस्था की जाएगी।
अंतिम बैठक में तैयारियों की समीक्षा
जन्माष्टमी की तैयारियों को लेकर अध्यक्ष जगदीश श्याम दास के नेतृत्व में अंतिम महत्वपूर्ण बैठक भी आयोजित की गई। इसमें श्रद्धालु प्रबंधन, सेवा व्यवस्था, सुरक्षा, प्रसाद वितरण, दर्शन व्यवस्था, स्वयंसेवक टीम और विभिन्न विभागों की तैयारियों की समीक्षा की गई।
बैठक में रामकांत मुरारी दास, सहिष्णु विप्र दास, रामनारायण दास, असीम हृषिकेश दास, श्यामल दास, समता कृष्ण दास, पतितपावनी गंगा देवी दासी, चैतन्य शिक्षा देवी दासी, अमरेश कुमार, विश्वजीत दास, राजीव कुमार, बलवंत कुमार, बिक्की, सौरभ, पवन एवं धार्मिक सहित अन्य सेवक मौजूद रहे।
श्रद्धालुओं से व्यवस्था में सहयोग की अपील
इस्कॉन मंदिर प्रशासन ने गयाजी धामवासियों एवं श्रद्धालुओं से जन्माष्टमी महोत्सव में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है। साथ ही श्रद्धालुओं से प्रशासन एवं स्वयंसेवकों के निर्देशों का पालन करने, निर्धारित मार्ग एवं कतार में रहने और भीड़ प्रबंधन में सहयोग करने का आग्रह किया गया है।
जगदीश श्याम दास ने कहा कि इस्कॉन गयाजी का प्रयास है कि इस वर्ष की जन्माष्टमी गयाजी के इतिहास की भव्य, दिव्य, भक्तिमय और सुव्यवस्थित जन्माष्टमी बने। उन्होंने कहा कि मंदिर प्रशासन ने अपनी ओर से व्यापक तैयारियां की हैं और इतने बड़े धार्मिक आयोजन के लिए स्थानीय प्रशासन का सहयोग भी आवश्यक है।
