टीबी के खिलाफ लड़ाई में समाज की सक्रिय भागीदारी जरूरी : डॉ. पंकज कुमार सिंह, सीयूएसबी में जागरूकता कार्यक्रम
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 03 सितंबर 2026
गयाजी: दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के औषधि विज्ञान विभाग की ओर से ‘क्षय रोग मुक्त भारत अभियान’ के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह के संरक्षण में आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य क्षय रोग (टीबी) के प्रति जागरूकता बढ़ाना, समय पर जांच एवं उचित उपचार के महत्व को समझाना और क्षय रोग मुक्त भारत के लक्ष्य में सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देना था।
कार्यक्रम में सीयूएसबी के कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह के साथ गयाजी के जिला क्षय रोग पदाधिकारी डॉ. पंकज कुमार सिंह मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
‘निक्षय मित्र’ बनने के लिए किया प्रोत्साहित
जिला क्षय रोग पदाधिकारी डॉ. पंकज कुमार सिंह ने क्षय रोग की रोकथाम, लक्षणों की पहचान, समय पर जांच, निदान और नियमित उपचार के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने छात्रों, शिक्षकों और समाज के अन्य सदस्यों को ‘निक्षय मित्र’ बनने के लिए प्रोत्साहित किया।
उन्होंने कहा कि क्षय रोग के खिलाफ लड़ाई केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। व्यक्ति और संगठन ‘निक्षय मित्र’ के रूप में टीबी से प्रभावित लोगों को आवश्यक सहयोग एवं सहायता प्रदान कर सकते हैं।
डॉ. सिंह ने जागरूकता फैलाने और सही वैज्ञानिक स्वास्थ्य जानकारी समाज तक पहुंचाने में छात्रों एवं युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
छात्रों को जागरूकता का दूत बनने की अपील
अध्यक्षीय संबोधन में सीयूएसबी के कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह ने स्वास्थ्य जागरूकता और सामाजिक जिम्मेदारी के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने छात्रों से कहा कि वे ज्ञान एवं सही जानकारी के दूत बनकर अपने परिवार, मित्रों और आम लोगों के बीच क्षय रोग से संबंधित वैज्ञानिक तथ्यों को साझा करें।
कुलपति ने छात्रों को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने और जनकल्याण से जुड़ी पहलों में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया।
नुक्कड़ नाटक के जरिए टीबी का संदेश
सीयूएसबी के जनसंपर्क पदाधिकारी मोहम्मद मुदस्सीर आलम ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत स्वास्थ्य विज्ञान संकाय के अधिष्ठाता एवं विश्वविद्यालय में ‘क्षय रोग मुक्त भारत अभियान’ के नोडल पदाधिकारी प्रो. सुब्रत कुमार भट्टमिश्र के स्वागत संबोधन से हुई।
कार्यक्रम में औषधि विज्ञान विभाग के छात्रों ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। इसके माध्यम से टीबी के लक्षणों, बीमारी से जुड़ी भ्रांतियों, समय पर जांच कराने तथा नियमित और पूरा उपचार लेने के महत्व को प्रभावी ढंग से समझाया गया।
आयोजन समिति के सदस्यों का योगदान
कार्यक्रम के आयोजन में प्रो. विवेक डेव, डॉ. गिरीश कुमार सिंह एवं डॉ. बिभास चंद्र महांता ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम का समापन डॉ. अरुण कुमार के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इसके बाद राष्ट्रगान प्रस्तुत किया गया।
