गयाजी के सात प्रखंडों में 1 जुलाई से शुरू होगी डिग्री की पढ़ाई, तैयारियों की समीक्षा में जुटा प्रशासन

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आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 25 जून 2026,

गयाजी: राज्य सरकार के निर्देश के आलोक में गयाजी जिले के डिग्री कॉलेज विहीन सात प्रखंडों—अतरी, नीमचक बथानी, कोच, मोहड़ा, बांकेबाजार, डुमरिया एवं मोहनपुर में आगामी 1 जुलाई से डिग्री की पढ़ाई शुरू होने जा रही है। इसको लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है और इन कॉलेजों के उद्घाटन को उत्सवी माहौल में संपन्न कराने की तैयारी की जा रही है।

जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने गुरुवार को सभी संबंधित डिग्री कॉलेजों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में नव-नियुक्त प्राचार्य, जिला स्तरीय वरीय पदाधिकारी, शिक्षा विभाग के अधिकारी, भवन, विद्युत, पीएचईडी, एलएईओ तथा अन्य तकनीकी विभागों के कार्यपालक अभियंता उपस्थित रहे।

सात निश्चय-3 के तहत शुरू हो रही पहल

जिलाधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार के सात निश्चय-3 कार्यक्रम के चौथे निश्चय “उन्नत शिक्षा-उज्ज्वल भविष्य” के तहत उच्च शिक्षा को गांव और प्रखंड स्तर तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी योजना के तहत राज्य के 211 डिग्री कॉलेज विहीन प्रखंडों में डिग्री की पढ़ाई शुरू की जा रही है, जिनमें गयाजी जिले के ये सात प्रखंड भी शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि 1 जुलाई को इन कॉलेजों में शैक्षणिक गतिविधियों का शुभारंभ पूरे उत्साह और भव्यता के साथ किया जाएगा।

अस्थायी भवनों में शुरू होगी पढ़ाई

जिलाधिकारी ने बताया कि फिलहाल इन डिग्री कॉलेजों के संचालन के लिए अस्थायी भवनों का चयन किया गया है। इन भवनों में विद्यार्थियों के लिए सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

जिला प्रशासन द्वारा प्रत्येक कॉलेज के लिए अपर समाहर्ता की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है। साथ ही अनुमंडल पदाधिकारियों को संबंधित प्राचार्यों एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ भवनों का निरीक्षण कर आवश्यक कमियों को दूर करने का निर्देश दिया गया है।

दो दिनों में पूरी करनी होगी सभी तैयारियां

बैठक में बिजली, पेयजल, शौचालय, बेंच-डेस्क, पंखे, कूलर, स्टेशनरी सामग्री, फर्नीचर, भवन के रंग-रोगन, परिसर की साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था सहित अन्य सभी कार्य अगले दो दिनों में पूरा करने का निर्देश दिया गया।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि सभी सातों डिग्री कॉलेजों को 29 जून तक पूरी तरह चालू अवस्था में तैयार कर लिया जाए, क्योंकि वह स्वयं 29 जून को इन कॉलेजों का निरीक्षण करेंगे।

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता

जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने कहा कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और उत्कृष्ट शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सम्पूर्ण प्रशासनिक तंत्र पूरी सजगता, तत्परता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि फर्नीचर, कम्प्यूटर, वाई-फाई, आरओ, महिला एवं पुरुषों के लिए अलग शौचालय, बिजली, प्रकाश व्यवस्था, कॉलेज तक पहुंचने वाले मार्ग की सुगमता और अन्य सभी सुविधाओं की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

स्थायी भवनों के निर्माण पर भी काम जारी

जिलाधिकारी ने बताया कि इन डिग्री कॉलेजों के स्थायी भवनों के निर्माण के लिए भी जिला प्रशासन समयबद्ध तरीके से कार्य कर रहा है, ताकि आने वाले समय में विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।

बैठक में उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता (राजस्व), अपर समाहर्ता (विधि-व्यवस्था), अपर समाहर्ता (विभागीय जांच), जिला शिक्षा पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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