पितृपक्ष मेला-2026 की तैयारियों की डीएम ने की समीक्षा, जर्जर आवासन स्थलों को हटाने का निर्देश

0
IMG-20260812-WA0011.jpg
Share with

आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 12 अगस्त 2026,

गयाजी: पितृपक्ष मेला-2026 के सफल एवं व्यवस्थित आयोजन को लेकर बुधवार को जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर की अध्यक्षता में आवासन, प्रचार-प्रसार एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम कोषांग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में संबंधित कोषांगों की तैयारियों एवं कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

जर्जर भवनों में नहीं ठहराए जाएंगे श्रद्धालु

आवासन व्यवस्था की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने पूर्व वर्षों में बनाए गए आवासन स्थलों का भौतिक सत्यापन कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी स्थलों की वर्तमान स्थिति का आकलन किया जाए और जर्जर अथवा अनुपयुक्त भवनों को चिन्हित कर आवश्यकतानुसार आवासन को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाए।

डीएम ने स्पष्ट किया कि यदि सरकारी विद्यालयों को आवासन के लिए इस्तेमाल करने से विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित होती है, तो ऐसे विद्यालयों को आवासन के लिए नहीं लिया जाए। इसके स्थान पर अन्य उपयुक्त स्थलों को चिन्हित कर आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

आवासन स्थलों पर श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, शौचालय, बिजली, साफ-सफाई, प्रकाश एवं सुरक्षा सहित सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा गया। साथ ही व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी और समय से पहले सभी सुविधाओं का परीक्षण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

श्रद्धालुओं तक समय पर पहुंचेगी मेला संबंधी जानकारी

प्रचार-प्रसार कोषांग की समीक्षा के दौरान डीएम ने पितृपक्ष मेला से संबंधित तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं को मेला, आवासन, सुविधाओं, महत्वपूर्ण स्थलों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं से जुड़ी आवश्यक जानकारी प्रभावी एवं समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराई जाए। इसके लिए विभिन्न प्रचार माध्यमों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया गया।

भारतीय ज्ञान परंपरा और मगध की संस्कृति पर होगा सेमिनार

सांस्कृतिक कार्यक्रम कोषांग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने पितृपक्ष मेला के दौरान भारतीय ज्ञान परंपरा तथा मगध की समृद्ध संस्कृति एवं इतिहास पर आधारित विशेष सेमिनार आयोजित करने का निर्देश दिया। सेमिनार में साहित्यकारों, इतिहासकारों, विद्वानों एवं विषय विशेषज्ञों को आमंत्रित कर उनके विचार और शोध साझा कराने की व्यवस्था करने को कहा गया।

डीएम ने कहा कि पितृपक्ष मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि गयाजी और मगध की समृद्ध सांस्कृतिक, ऐतिहासिक एवं ज्ञान परंपरा को देश-दुनिया तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण अवसर भी है।

बैठक में सिटी एसपी, डीडीसी, एडीएम (राजस्व), एडीएम (विधि-व्यवस्था), सहायक समाहर्ता, ओसीडी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कोषांग के सदस्य उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

You cannot copy content of this page