सीयूएसबी के प्रो. आशीष कुमार सिंह एआईयू की छह सदस्यीय समिति में शामिल, अंतर-विश्वविद्यालय खेल प्रतियोगिताओं के आवंटन में निभाएंगे अहम भूमिका

0
IMG-20260629-WA0012.jpg
Share with

आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 29 जून 2026,

गयाजी: दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के शारीरिक शिक्षा विभागाध्यक्ष एवं पूर्व खेल समिति सचिव प्रो. आशीष कुमार सिंह को भारतीय विश्वविद्यालयों का संघ (एआईयू) द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 में आयोजित होने वाली अखिल भारतीय अंतर-विश्वविद्यालय खेल प्रतियोगिताओं के आवंटन के लिए गठित छह सदस्यीय समिति का सदस्य नामित किया गया है।

विश्वविद्यालय परिवार ने दी बधाई

प्रो. आशीष कुमार सिंह की इस महत्वपूर्ण नियुक्ति पर सीयूएसबी के कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह, कुलसचिव प्रो. नरेंद्र कुमार राणा, छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. पवन कुमार मिश्रा, खेल एवं क्रीड़ा समिति अध्यक्ष प्रो. प्रवीण कुमार, शिक्षा संकाय के अधिष्ठाता प्रो. रविकांत, सहायक निदेशक (खेल) डॉ. जितेंद्र प्रताप सिंह सहित विश्वविद्यालय के शिक्षकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।

प्रतियोगिताओं के आवंटन की होगी समीक्षा

विश्वविद्यालय के जनसंपर्क पदाधिकारी मोहम्मद मुदस्सीर आलम ने बताया कि समिति को सदस्य विश्वविद्यालयों से प्राप्त प्रस्तावों की जांच और मूल्यांकन कर एआईयू के नियमों, विनियमों और दिशा-निर्देशों के अनुरूप अखिल भारतीय अंतर-विश्वविद्यालय खेल प्रतियोगिताओं के आवंटन की अनुशंसा करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

कई महत्वपूर्ण मानकों पर होगा मूल्यांकन

यह समिति खेल अवसंरचना, आवास, परिवहन, संचार और चिकित्सा सुविधाओं, मानव संसाधन की उपलब्धता तथा खेल प्रतियोगिताओं के सफल आयोजन में विश्वविद्यालयों के पूर्व अनुभव जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं के आधार पर प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए विश्वविद्यालयों की संस्तुति करेगी।

सीयूएसबी के लिए गौरव का क्षण

प्रो. आशीष कुमार सिंह की इस नियुक्ति को सीयूएसबी के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि यह नियुक्ति न केवल प्रो. सिंह की खेल प्रशासन और शारीरिक शिक्षा के क्षेत्र में विशेषज्ञता की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान है, बल्कि इससे सीयूएसबी की प्रतिष्ठा भी और मजबूत होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

You cannot copy content of this page