सीयूएसबी में शुरू हुआ ‘भाषा पुरस्कार’, भारतीय भाषाओं के ज्ञान को मिलेगा सम्मान

0
IMG-20260921-WA0003.jpg
Share with

आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 21 सितंबर 2026

गयाजी: दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) ने भारतीय भाषाओं के ज्ञान, बहुभाषिकता और भाषाई विविधता को बढ़ावा देने के लिए ‘सीयूएसबी भाषा पुरस्कार’ की शुरुआत की है। इस पहल के तहत भारतीय भाषाओं के ज्ञान और सीखने की रुचि को प्रोत्साहित करने के लिए तीन अलग-अलग श्रेणियों में पुरस्कार दिए जाएंगे।

भाषा श्री’, ‘भाषा भूषण’ और ‘भाषा विभूषण’ श्रेणियां

सीयूएसबी भाषा पुरस्कार के अंतर्गत ‘भाषा श्री’, ‘भाषा भूषण’ और ‘भाषा विभूषण’ तीन श्रेणियां रखी गई हैं। खास बात यह है कि इसमें विश्वविद्यालय के कर्मचारियों के साथ विद्यार्थियों को भी शामिल किया गया है। प्रत्येक श्रेणी में दोनों वर्गों के लिए अलग-अलग पुरस्कार का प्रावधान किया गया है।

भारतीय भाषाओं के प्रति रुचि बढ़ाने की पहल

कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह ने कहा कि भारत की भाषाई विविधता उसकी सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय एकता की महत्वपूर्ण शक्ति है। उन्होंने कहा कि कई भारतीय भाषाओं का ज्ञान व्यक्ति के ज्ञान का दायरा बढ़ाने के साथ अलग-अलग संस्कृतियों और परंपराओं को समझने का अवसर भी देता है।

उन्होंने कहा कि भाषा पुरस्कार के माध्यम से विश्वविद्यालय परिवार में भारतीय भाषाओं के प्रति रुचि, सम्मान और उन्हें सीखने की संस्कृति को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।

SOP के आधार पर होगी चयन प्रक्रिया

पुरस्कार के लिए आवेदन और चयन की प्रक्रिया सीयूएसबी भाषा श्री पुरस्कार समिति की ओर से तैयार मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुसार संचालित की जा रही है। विश्वविद्यालय के अनुसार यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 में भारतीय भाषाओं और बहुभाषिकता को बढ़ावा देने की भावना के अनुरूप है।

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page