केस से नाम हटाने के बदले मांगी रिश्वत, मुजफ्फरपुर में रंगेहाथ दारोगा गिरफ्तार

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आर्यावर्त वाणी | मुजफ्फरपुर | 01 जुलाई 2026,

मुजफ्फरपुर: निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (वीआईबी) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए राजेपुर ओपी में पदस्थापित सब-इंस्पेक्टर (सहायक अवर निरीक्षक) मुन्ना कुमार यादव को 8 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई बुधवार (1 जुलाई 2026) को मुजफ्फरपुर स्थित राजेपुर ओपी परिसर में की गई।

केस से नाम हटाने के एवज में मांगी थी रिश्वत

निगरानी ब्यूरो के अनुसार, बबन पासवान, निवासी परसौनी नाथ (राजेपुर ओपी, साहेबगंज) ने शिकायत दर्ज कराई थी कि राजेपुर ओपी में दर्ज साहेबगंज (राजेपुर ओपी) थाना कांड संख्या-523/26 से उनके पुत्र का नाम हटाने के बदले सब-इंस्पेक्टर मुन्ना कुमार यादव 8 हजार रुपये रिश्वत की मांग कर रहे हैं।

शिकायत सत्यापन के बाद बिछाया गया जाल

शिकायत मिलने के बाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने आरोपों का सत्यापन कराया। जांच में रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर निगरानी थाना कांड संख्या-077/26 दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस उपाधीक्षक शिव कुमार साह के नेतृत्व में विशेष ट्रैप टीम गठित की गई।

बुधवार को टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए आरोपी सब-इंस्पेक्टर को राजेपुर ओपी परिसर में 8 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।

विशेष न्यायालय में किया जाएगा प्रस्तुत

निगरानी ब्यूरो ने बताया कि आरोपी से पूछताछ के बाद उसे माननीय विशेष न्यायालय (निगरानी), मुजफ्फरपुर में पेश किया जाएगा। मामले में आगे की जांच जारी है।

2026 में भ्रष्टाचार के खिलाफ 77वीं प्राथमिकी

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अनुसार, वर्ष 2026 में भ्रष्टाचार के विरुद्ध यह 77वीं प्राथमिकी दर्ज की गई है। इनमें 72 ट्रैप (रंगे हाथ गिरफ्तारी) मामले शामिल हैं। अब तक 71 आरोपियों को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया जा चुका है तथा 27,63,300 रुपये की रिश्वत राशि बरामद की गई है।

तुलनात्मक रूप से वर्ष 2025 में ब्यूरो ने 101 ट्रैप मामले दर्ज किए थे, जिनमें 37,80,300 रुपये की रिश्वत राशि बरामद हुई थी।

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