पैसे के लेनदेन में हुई थी हत्या, गया कोर्ट ने दोषी मिथिलेश रविदास को सुनाई उम्रकैद
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 28 जून 2026,
गयाजी: जिले के गुरारू थाना क्षेत्र में हुए चर्चित हत्या कांड में न्यायालय ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। माननीय न्यायालय संजय कुमार, एडीजे-04, गयाजी ने गुरारू थाना कांड संख्या-61/24 में सुनवाई पूरी करते हुए अभियुक्त मिथिलेश रविदास को हत्या का दोषी करार दिया।
पत्नी ने दर्ज कराई थी हत्या की प्राथमिकी
मृतक की पत्नी ज्योति कुमारी, निवासी ग्राम बारा, थाना गुरारू ने अपने आवेदन में बताया था कि उनके पति अंशुल अग्रवाल उर्फ सोनू मकान तोड़-फोड़ का काम करते थे। 6 अप्रैल 2024 की शाम करीब 6 से 7 बजे के बीच उनके पति अपने सहयोगी मिथिलेश रविदास को उसके घर छोड़ने के लिए बाइक से गए थे, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटे।
ज्योति कुमारी के अनुसार, जब उन्होंने अपने पति के मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की तो फोन स्विच ऑफ मिला। इसके बाद उन्होंने मिथिलेश रविदास के मोबाइल पर कॉल किया, जिसे उसकी बहन ने उठाया और बताया कि सोनू घर से जा चुके हैं और मिथिलेश नहाकर सो गया है।
पुलिस ने रात में दी थी हत्या की सूचना
आवेदन के मुताबिक, रात करीब 2:50 बजे गुरारू थाना पुलिस उनके घर पहुंची और पति की मौत की सूचना दी। इसके बाद वह अपने ससुर अर्जुन प्रसाद के साथ घटनास्थल पहुंचीं और शव की पहचान की।
ज्योति कुमारी ने अपने आवेदन में दावा किया था कि शव के पास पड़ा हवाई चप्पल मिथिलेश रविदास का था, जिसे वह पहचानती थीं। उन्होंने आशंका जताई थी कि पैसों के लेनदेन को लेकर मिथिलेश रविदास ने उनके पति की हत्या कर दी।
साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने सुनाई सजा
पुलिस द्वारा समर्पित चार्जशीट और अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने मिथिलेश रविदास को भारतीय दंड संहिता की धारा-302 के तहत दोषी पाया और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
इसके साथ ही न्यायालय ने दोषी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना जमा नहीं करने की स्थिति में उसे अतिरिक्त छह माह का साधारण कारावास भुगतना होगा।
अपर लोक अभियोजक ने की प्रभावी पैरवी
इस मामले में सरकार की ओर से अपर लोक अभियोजक, गयाजी, शिव वचन प्रसाद ने प्रभावी पैरवी की। अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने दोषी को सजा सुनाई।
दो साल बाद पीड़ित परिवार को मिला न्याय
करीब दो वर्ष पुराने इस हत्या मामले में आए फैसले से पीड़ित परिवार को न्याय मिला है। न्यायालय के इस निर्णय को गंभीर अपराधों के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
