कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने की प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना-जलछाजन विकास 2.0 की समीक्षाकृषि रोडमैप से बिहार में सिंचाई क्षमता और फसल आच्छादन में उल्लेखनीय वृद्धि – विजय कुमार सिन्हा

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आर्यावर्त वाणी पटना 21 अगस्त 2025

कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, भारत सरकार के मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना-जलछाजन विकास 2.0 की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित हुई। इस अवसर पर बिहार के उप मुख्यमंत्री सह कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा भी शामिल हुए।

बैठक को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना-जलछाजन विकास 2.0 वर्षा आधारित क्षेत्रों के लिए वरदान है। उन्होंने कहा कि इस योजना से किसानों की स्थिति में व्यापक बदलाव संभव है। श्री चौहान ने आगामी पाँच वर्षों के लिए “जलछाजन विकास 3.0” की तैयारी अभी से शुरू करने पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने निर्देश दिया कि चालू योजना में शत-प्रतिशत व्यय सुनिश्चित हो ताकि भविष्य की योजना को और प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके। उन्होंने नदियों, झीलों के जीर्णोद्धार और पहाड़ी क्षेत्रों में टपकन तकनीक के जरिए किसानों को लाभ पहुँचाने की आवश्यकता पर बल दिया।

वहीं, उप मुख्यमंत्री सह कृषि मंत्री  विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि बिहार में इस योजना के अंतर्गत 18 जिलों में 35 परियोजनाएँ संचालित हो रही हैं, जिनके जरिए 1,71,600 हेक्टेयर भूमि का उपचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन कार्यों से वर्षा सिंचित क्षेत्रों में मृदा एवं जल संरक्षण संभव हुआ है, जिससे किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है।

श्री सिन्हा ने कहा कि राज्य सरकार भी कृषि रोडमैप के तहत मृदा एवं जल संरक्षण की दिशा में पक्का चेक डैम, तालाब निर्माण, कुआँ निर्माण और आहर-जीर्णोद्धार जैसी परियोजनाओं को लागू कर रही है। इन पहलों से बिहार में सिंचाई क्षमता और कृषि उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

उन्होंने बताया कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा कराए गए सर्वेक्षण के अनुसार बिहार में फसल आच्छादन 52 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 62 लाख हेक्टेयर हो गया है, वहीं फसल सघनता 144 से बढ़कर 180 तक पहुँच गई है।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत जल संरक्षण संरचनाओं के साथ-साथ पौधारोपण, जीविकोपार्जन और उत्पादन प्रणाली से संबंधित गतिविधियाँ बड़े पैमाने पर चल रही हैं, जिनसे सिंचाई क्षमता, उत्पादन और हरित क्षेत्र में निरंतर वृद्धि दर्ज की जा रही है।

बैठक में कृषि निदेशक नितिन कुमार सिंह, भूमि संरक्षण निदेशक  राधा रमण सहित विभाग के वरीय पदाधिकारी मौजूद थे।

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