अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर किलकारी में विशेष संवाद, बालिकाओं को आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनने का मिला संदेश
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 11 अक्टूबर 2026,
गयाजी। अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर किलकारी बिहार बाल भवन, गयाजी में बालिकाओं के लिए विशेष संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मगध विश्वविद्यालय में गृह विज्ञान की प्रभारी डॉ. दीपशिखा पांडेय ने बालिकाओं से संवाद कर उन्हें आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी और मानसिक एवं शारीरिक रूप से सशक्त बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बालिकाओं को सामाजिक सोच और परंपरागत धारणाओं से आगे बढ़कर अपने लक्ष्य निर्धारित करने तथा जीवन की चुनौतियों का दृढ़ता से सामना करने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. दीपशिखा पांडेय ने बालिकाओं को भविष्य की संभावनाओं और चुनौतियों के प्रति जागरूक करते हुए अपने निर्णय स्वयं लेने, अपनी बात मजबूती से रखने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए लक्ष्य निर्धारित करना और उसे हासिल करने की दिशा में निरंतर प्रयास करना आवश्यक है। उन्होंने बालिकाओं से यह विचार करने का आह्वान किया कि वे दस वर्ष बाद स्वयं को किस मुकाम पर देखना चाहती हैं और उस लक्ष्य तक पहुंचने के लिए वर्तमान में किस प्रकार की तैयारी कर सकती हैं।
डिजिटल जागरूकता और भविष्य की तैयारी पर जोर
संवाद सत्र में सोशल मीडिया के सुरक्षित एवं सकारात्मक उपयोग, कंप्यूटर शिक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते महत्व पर भी चर्चा की गई। बालिकाओं को डिजिटल तकनीक की समझ विकसित करने और बदलते दौर की आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार करने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि तकनीकी ज्ञान, सही निर्णय लेने की क्षमता और आत्मविश्वास बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
पोषण और स्वास्थ्य के प्रति किया जागरूक
कार्यक्रम में बालिकाओं के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रमुखता दी गई। डॉ. दीपशिखा पांडेय ने संतुलित आहार, आयरन, विटामिन और अन्य आवश्यक पोषक तत्वों के महत्व की जानकारी देते हुए उन्हें अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की सलाह दी। उन्होंने मानसिक प्रसन्नता के महत्व पर चर्चा करते हुए बालिकाओं को खुलकर हंसने, सकारात्मक सोच रखने और छोटी-छोटी बातों को लेकर अनावश्यक तनाव से बचने का संदेश दिया। रोचक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों की सहभागिता सुनिश्चित की गई, जिससे संवाद सत्र ज्ञानवर्धक होने के साथ-साथ मनोरंजक भी रहा।
बालिकाओं के सर्वांगीण विकास पर केंद्रित रहा कार्यक्रम
कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं में आत्मविश्वास, निर्णय लेने की क्षमता, डिजिटल जागरूकता और स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना था। संवाद के माध्यम से उन्हें अपनी क्षमताओं को पहचानने, स्वतंत्र रूप से सोचने और भविष्य के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने के प्रति प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में पटना से आए लेखा पदाधिकारी विनय मिश्रा एवं प्रशस्ति पदाधिकारी वेद प्रकाश, प्रमंडल कार्यक्रम समन्वयक राजीव रंजन श्रीवास्तव, सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी आकाश कुमार, सहायक लेखा पदाधिकारी उदित सिंह राठौड़, प्रमंडल साधनसेवी सोनम कुमारी सहित किलकारी के सभी प्रशिक्षक एवं कर्मी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समन्वय एवं संचालन किलकारी बिहार बाल भवन, गयाजी के सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी आकाश कुमार ने किया। आयोजन में किलकारी के पूर्ववर्ती छात्र अंकित कुमार का विशेष सहयोग रहा।
