पितृपक्ष मेला 2026: 51 लाख से अधिक श्रद्धालुओं की सुरक्षा में जुटी रही गया पुलिस, 58 बिछड़े लोगों को परिजनों से मिलाया
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 11 अक्टूबर 2026
गयाजी। विश्वप्रसिद्ध पितृपक्ष महासंगम-2026 का आयोजन 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक श्रद्धा, सुरक्षा और सौहार्दपूर्ण वातावरण में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया। इस दौरान देश-विदेश से 51 लाख से अधिक श्रद्धालु पितरों का पिंडदान करने गयाजी पहुंचे। इतने बड़े धार्मिक आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के लिए गयाजी पुलिस की ओर से व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। वरीय पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से 11 अक्टूबर को जारी प्रेस नोट में मेले के दौरान किए गए सुरक्षा प्रबंधों और पुलिस की कार्रवाई का विस्तृत ब्योरा साझा किया गया है।
घाटों और मंदिरों में मुस्तैद रही पुलिस
पितृपक्ष मेले के दौरान विष्णुपद मंदिर परिसर, फल्गु नदी के विभिन्न घाटों और अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों पर पुलिस पदाधिकारियों एवं जवानों की तैनाती की गई थी। विष्णुपद घाट, देवघाट, सीताकुंड, अक्षयवट, प्रेतशिला, रामशिला, सूर्यकुंड, ब्रह्मकुंड, गयाश्राद्ध घाट, पितामहेश्वर घाट, संगत घाट और केंदुई घाट सहित विभिन्न स्थानों पर पुलिसकर्मी श्रद्धालुओं की सहायता में जुटे रहे।
पुलिसकर्मियों ने श्रद्धालुओं को रास्ता बताने, भीड़ के बीच सुरक्षित आवागमन कराने तथा घाटों की सीढ़ियों पर चढ़ने-उतरने में सहायता प्रदान की। भीड़भाड़ वाले और संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरती गई, ताकि श्रद्धालु बिना किसी अनावश्यक परेशानी के अपने धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कर सकें।
वृद्ध और दिव्यांग श्रद्धालुओं को मिली विशेष सहायता
गयाजी पुलिस ने वृद्ध एवं दिव्यांग श्रद्धालुओं की सुविधा पर विशेष ध्यान दिया। जरूरत के अनुसार दिव्यांग श्रद्धालुओं को व्हीलचेयर उपलब्ध कराने तथा मंदिर परिसर और घाटों तक पहुंचने में सहायता देने की व्यवस्था की गई। वहीं, वृद्ध श्रद्धालुओं को भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और सीढ़ियों पर सुरक्षित आवाजाही में पुलिसकर्मियों ने सहयोग किया।
प्रेस नोट के अनुसार, मेले के दौरान पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ सेवा, संवेदनशीलता और जनसहयोग की भावना से अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया।
58 बिछड़े लोगों को परिजनों से मिलाया
पितृपक्ष मेले में भारी भीड़ के बीच बिछड़े श्रद्धालुओं को उनके परिवारों से मिलाने में भी गयाजी पुलिस ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रेस नोट के मुताबिक, पुलिस के समन्वित प्रयासों से कुल 58 बिछड़े हुए लोगों को उनके परिजनों से सकुशल मिलाया गया।
इस दौरान बच्चों, वृद्धजनों और अन्य जरूरतमंद लोगों की सहायता पर विशेष ध्यान दिया गया। बिछड़े लोगों को उनके परिवारों तक पहुंचाने की पहल से कई परिवारों को राहत मिली।
AI और CCTV से हुई निगरानी
मेले की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी की गई। इस व्यवस्था के जरिए भीड़भाड़ वाले और संवेदनशील स्थलों की गतिविधियों पर नजर रखी गई। पुलिस का उद्देश्य संभावित अव्यवस्था पर समय रहते ध्यान देना और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना था।
खोए सामान की बरामदगी में पुलिस को मिली सफलता
मेले के दौरान श्रद्धालुओं के खोए हुए सामान की बरामदगी के लिए भी गयाजी पुलिस ने कार्रवाई की। जारी प्रेस नोट के अनुसार, पुलिस ने कुल 61 मोबाइल फोन, 25 पर्स, 65 हजार रुपये नकद और 22 आधार कार्ड एवं पैन कार्ड बरामद किए।
खोए हुए मोबाइल, नकदी और जरूरी दस्तावेजों की बरामदगी से संबंधित श्रद्धालुओं को उनका सामान वापस पाने में मदद मिली। पुलिस ने इसे श्रद्धालुओं की सहायता और जनसेवा के प्रयासों का हिस्सा बताया।
चोरी और उचक्कागिरी के आरोप में 42 गिरफ्तार
पितृपक्ष मेले के दौरान चोरी और उचक्कागिरी जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए गयाजी पुलिस ने विशेष सतर्कता बरती। संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी और आपराधिक घटनाओं की रोकथाम के क्रम में कुल 42 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार, इस कार्रवाई का उद्देश्य मेला क्षेत्र में आपराधिक गतिविधियों पर नियंत्रण स्थापित करना और श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित वातावरण बनाए रखना था।
शांतिपूर्ण आयोजन के साथ संपन्न हुआ पितृपक्ष महासंगम
गयाजी पुलिस के वरीय पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से जारी प्रेस नोट में कहा गया है कि 25 सितंबर से 10 अक्टूबर 2026 तक चले पितृपक्ष महासंगम के दौरान 51 लाख से अधिक श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए व्यापक प्रबंध किए गए। मंदिरों, घाटों और अन्य प्रमुख स्थलों पर पुलिस की तैनाती, तकनीक आधारित निगरानी, खोए सामान की बरामदगी तथा बिछड़े लोगों को परिजनों से मिलाने जैसे प्रयास इस दौरान प्रमुख रहे।
पितृपक्ष मेले के सफल समापन के साथ गयाजी पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने और श्रद्धालुओं को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के अपने प्रयासों का विवरण सार्वजनिक किया है।
