विदेशी विद्यार्थियों की सुविधाओं का जायजा लेने CUSB पहुंचीं ICCR पटना की क्षेत्रीय निदेशक स्वधा रिजवी

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आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 07 नवम्बर 2026,


गयाजी। दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय (CUSB) में विदेशी विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं और सहायता व्यवस्था को और बेहतर बनाने की दिशा में पहल की जा रही है। इसी क्रम में इंडियन काउंसिल फॉर कल्चरल रिलेशन्स (ICCR), पटना की क्षेत्रीय निदेशक एवं आईएफएस अधिकारी स्वधा रिजवी ने विश्वविद्यालय का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने विदेशी विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध शैक्षणिक एवं आवासीय सुविधाओं का जायजा लिया और अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग को मजबूत बनाने पर चर्चा की।

अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग और सांस्कृतिक संबंधों पर चर्चा

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह के संरक्षण में ऑफिस ऑफ इंटरनेशनल रिलेशन्स (OIA) की ओर से इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय के सम्मेलन कक्ष में आयोजित बैठक में विदेशी विद्यार्थियों के लिए सहायता व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने, अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा देने और सांस्कृतिक कूटनीति के माध्यम से संस्थागत संबंधों को मजबूत बनाने जैसे विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।

कार्यक्रम के शुभारंभ पर कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह ने ओआईए के अध्यक्ष प्रो. राकेश कुमार एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में अतिथि स्वधा रिजवी का स्वागत किया।

पर्यावरण अनुकूल परिसर की कुलपति ने बताई विशेषता

अपने संबोधन में कुलपति प्रो. के. एन. सिंह ने बताया कि सीयूएसबी का परिसर पर्यावरण-अनुकूल, शून्य-उत्सर्जन और प्लास्टिक-मुक्त है। उन्होंने 12 अक्टूबर 2026 को आयोजित विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) ने अपने संबोधन के दौरान विश्वविद्यालय के हरे-भरे परिसर की विशेष रूप से सराहना की थी।

तीन विदेशी विद्यार्थियों ने CUSB में लिया दाखिला

बैठक के दौरान ओआईए के अध्यक्ष प्रो. राकेश कुमार ने पिछले पांच वर्षों में ए2ए पोर्टल के माध्यम से विदेशी विद्यार्थियों के प्रवेश से संबंधित आंकड़े प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि अब तक विश्वविद्यालय के विभिन्न पीएचडी कार्यक्रमों में तीन विदेशी शोधार्थियों ने दाखिला लिया है।

इनमें बोत्सवाना की सुश्री लिडिया फ्रैंक (पर्यावरण विज्ञान), म्यांमार की सुश्री मे थू विन (पर्यावरण विज्ञान) और यमन के श्री मोहम्मद हसन अहमद अब्दुल्ला (कंप्यूटर विज्ञान) शामिल हैं।

कृषि प्रक्षेत्र और छात्रावासों का किया निरीक्षण

बैठक के बाद क्षेत्रीय निदेशक सुश्री स्वधा रिजवी ने विश्वविद्यालय के कृषि प्रक्षेत्रों का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय के आत्मनिर्भर मॉडल की सराहना की। इसके बाद उन्होंने छात्रावासों का भी निरीक्षण किया और विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध आवासीय सुविधाओं की जानकारी ली।

विदेश नीति और सांस्कृतिक कूटनीति पर विद्यार्थियों से संवाद

दौरे का प्रमुख आकर्षण विद्यार्थियों एवं विश्वविद्यालय के शैक्षणिक समुदाय के साथ आयोजित संवादात्मक सत्र रहा। इसमें सुश्री रिजवी ने अंतरराष्ट्रीय शोधार्थियों और भारतीय विद्यार्थियों से सीधे बातचीत की।

उन्होंने विदेश नीति, सांस्कृतिक कूटनीति और वैश्विक स्तर पर भारत की सॉफ्ट पावर को बढ़ावा देने में विदेश मंत्रालय की भूमिका पर विस्तार से अपने विचार रखे। उन्होंने युवाओं को वैश्विक दृष्टिकोण विकसित करने, विभिन्न सांस्कृतिक परिवेशों के अनुरूप स्वयं को ढालने और आपसी सांस्कृतिक समझ को बढ़ावा देने के लिए अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सक्रिय भागीदारी करने की सलाह दी।

विश्वविद्यालय के कई पदाधिकारी रहे उपस्थित

विश्वविद्यालय के जनसंपर्क पदाधिकारी (पीआरओ) मोहम्मद मुदस्सीर आलम ने बताया कि कार्यक्रम में प्रॉक्टर प्रो. प्रणव कुमार, राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. प्रवीण कुमार, प्रो. अवनीश प्रकाश सिंह, सांस्कृतिक समिति की अध्यक्ष डॉ. अमृता श्रीवास्तव तथा ओआईए के सदस्य डॉ. प्रशांत कुमार, डॉ. तारा काशव एवं डॉ. रोहित कुमार सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

विश्वविद्यालय के इस दौरे को विदेशी विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संस्थागत सहयोग की संभावनाओं को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।

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