पुलिस लाइन में जवानों को स्वास्थ्य प्रशिक्षण, लू से बचाव और सीपीआर की दी गई जानकारी

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आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 21 अप्रैल 2026,

गयाजी; गर्मी के मौसम में स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों से निपटने के लिए पुलिस लाइन में नवनियुक्त पुलिसकर्मियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान चिकित्सक डॉ. एम. ई. हक और UNICEF से संजय कुमार ने जवानों को जीवन रक्षक कौशल और गर्मी से जुड़ी बीमारियों से बचाव के उपाय बताए।

लू, तनाव और बीमारियों पर प्रशिक्षण:

प्रशिक्षण में पुलिसकर्मियों को लू लगना, मानसिक तनाव, उच्च रक्तचाप, ब्लड शुगर और चमकी बुखार जैसी समस्याओं के लक्षण और बचाव के तरीकों की जानकारी दी गई। साथ ही आपात स्थिति में त्वरित उपचार के बारे में भी विस्तार से बताया गया।

सीपीआर तकनीक का अभ्यास:

डॉ. हक ने Cardiopulmonary Resuscitation (सीपीआर) के महत्व को समझाते हुए बताया कि यह प्रक्रिया हृदय गति या सांस रुकने की स्थिति में जीवन बचाने के लिए बेहद आवश्यक है। इसमें मरीज को समतल जगह पर लिटाकर छाती के बीचों-बीच 100-120 बार प्रति मिनट की गति से दबाव देना होता है, जिससे शरीर में ऑक्सीजन का प्रवाह बना रहता है।

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लू से बचाव के उपाय

प्रशिक्षण में बताया गया कि पुलिसकर्मी ड्यूटी के दौरान पर्याप्त मात्रा में पानी और ओआरएस साथ रखें। प्यास न लगने पर भी पानी पीते रहें, सिर को ढककर रखें और हल्का भोजन करें। बीच-बीच में छायादार स्थान पर आराम करने की भी सलाह दी गई।

प्राथमिक उपचार और मानसिक स्वास्थ्य पर भी जोर

लू लगने की स्थिति में मरीज को तुरंत छायादार स्थान पर ले जाकर ठंडा करने, ठंडे पानी से शरीर को ठंडा करने और शीघ्र अस्पताल पहुंचाने के निर्देश दिए गए। प्रशिक्षण के दौरान पुलिसकर्मियों को मानसिक तनाव से निपटने के उपाय भी बताए गए, ताकि वे ड्यूटी के दौरान शारीरिक के साथ-साथ मानसिक रूप से भी स्वस्थ रह सकें।

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