सीयूएसबी के एमएसडब्ल्यू छात्रों का गुमला में समाज कार्य शिविर सम्पन्न, ग्रामीण विकास की जमीनी समझ हासिल

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आर्यावर्त वाणी | गयाजी / गुमला | 21 अप्रैल 2026,

गया/गुमला: सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ बिहार (सीयूएसबी) के मास्टर ऑफ सोशल वर्क (द्वितीय सेमेस्टर) के छात्रों ने झारखंड के गुमला जिले के बिशुनपुर स्थित विकास भारती बिशुनपुर में आयोजित पाँच दिवसीय समाज कार्य शिविर को सफलतापूर्वक पूरा किया। यह शिविर 17 से 21 अप्रैल 2026 तक कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह की अनुशंसा पर आयोजित किया गया था।

व्यावहारिक अनुभव पर केंद्रित शिविर

समाजशास्त्रीय अध्ययन विभागाध्यक्ष प्रो. विजय कुमार शर्मा के निर्देशन में आयोजित इस शिविर का उद्देश्य छात्रों को ग्रामीण और आदिवासी समुदायों के जीवन, चुनौतियों और विकास प्रक्रियाओं से सीधे जोड़ना था। शिविर में डॉ. हरेश नारायण पांडे, डॉ. पारिजात प्रधान और डॉ. प्रिय रंजन भी छात्रों के साथ उपस्थित रहे।

विकास भारती के कार्यों की जानकारी

शिविर के दौरान विकास भारती के संयुक्त सचिव महेंद्र भगत ने छात्रों को संगठन की कार्यप्रणाली और आदिवासी विकास, आजीविका, स्वास्थ्य, कृषि एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्रों में चल रही पहलों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

केवीके का भी किया दौरा

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छात्रों ने कृषि विज्ञान केंद्र बिशुनपुर (केवीके) का भ्रमण कर वहां के अनुसंधान कार्यों, कृषि नवाचारों और विभिन्न परियोजनाओं को करीब से समझा। इस दौरान विशेषज्ञों ने जैविक खेती, बीज संरक्षण, पशुपालन और बागवानी से जुड़ी तकनीकों पर जानकारी दी।

कृषि उत्पादों के नवाचार से हुए रूबरू

शिविर में छात्रों ने बाजरा आधारित उत्पादों जैसे लड्डू, बिस्कुट, केक और मिक्सचर के उत्पादन व विपणन के अभिनव तरीकों को भी देखा, जिससे उन्हें ग्रामीण उद्यमिता की समझ विकसित हुई।

समुदाय के साथ सीधा संवाद

छात्रों ने ग्रामीणों के साथ संवाद स्थापित कर उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थितियों को समझा और विभिन्न विकास कार्यक्रमों का अवलोकन किया। इससे उन्हें फील्ड-आधारित अधिगम का महत्वपूर्ण अनुभव प्राप्त हुआ।

एनजीओ की भूमिका को समझा

विभागाध्यक्ष प्रो. विजय कुमार शर्मा ने बताया कि इस शिविर ने छात्रों को यह समझने में मदद की कि गैर-सरकारी संगठन जमीनी स्तर पर विकास कार्यों को कैसे प्रभावी ढंग से लागू करते हैं।

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