गया के खुखरी गांव से रूस के अंतरराष्ट्रीय युवा मंच तक पहुंचे शैलेन्द्र कुमार
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 20 सितंबर 2026
गयाजी: जिले के अतरी प्रखंड के खुखरी गांव से निकलकर शैलेन्द्र कुमार इन दिनों रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। वे International Festival of Youth (IFY) 2026 के Regional Programme में हिस्सा ले रहे हैं। ग्रामीण परिवेश से निकलकर अंतरराष्ट्रीय युवा मंच तक पहुंचने पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत कई प्रमुख जनप्रतिनिधियों ने उन्हें सोशल मीडिया के जरिए बधाई दी है।
करीब 20 देशों के प्रतिभागियों के बीच भारत का प्रतिनिधित्व
सेंट पीटर्सबर्ग में आयोजित कार्यक्रम में करीब 20 देशों के लगभग 30 प्रतिभागी शामिल हो रहे हैं। कार्यक्रम में शैलेन्द्र कुमार भारत से एकमात्र प्रतिनिधि के तौर पर हिस्सा ले रहे हैं। 22 सितंबर तक चलने वाले इस कार्यक्रम में युवा संवाद, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय गतिविधियां शामिल हैं।
मुख्यमंत्री समेत कई नेताओं ने दी शुभकामनाएं
शैलेन्द्र कुमार की उपलब्धि पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उन्हें गयाजी का होनहार युवा बताते हुए बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। केंद्रीय MSME मंत्री जीतन राम मांझी ने भी गयाजी से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने की उपलब्धि को युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया है।
बिहार सरकार के मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन और मंत्री श्रेयसी सिंह ने भी शैलेन्द्र कुमार को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। उनके संदेशों में शैलेन्द्र की मेहनत, प्रतिभा और सामाजिक क्षेत्र में सक्रियता का उल्लेख किया गया है।
अतरी के युवाओं में भी खुशी
शैलेन्द्र कुमार की उपलब्धि पर अतरी प्रखंड के MY Bharat स्वयंसेवक रितिक रौशन ने खुशी जताई। उन्होंने कहा कि गयाजी के ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर शैलेन्द्र का रूस के अंतरराष्ट्रीय युवा मंच तक पहुंचना क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणादायक है।
रितिक रौशन के अनुसार, शैलेन्द्र कुमार के भारत लौटने पर उनके सम्मान में एक कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी है। इसमें क्षेत्र के युवा, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य लोग शामिल होंगे।
NSS राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित हैं शैलेन्द्र
शैलेन्द्र कुमार NSS राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित हैं और पिछले कई वर्षों से शिक्षा, सामाजिक विकास तथा युवा नेतृत्व के क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं। ग्रामीण परिवेश से शुरू हुआ उनका सफर अब अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचा है।
रूस से अपनी उपलब्धि पर शैलेन्द्र कुमार ने कहा कि गयाजी की मिट्टी से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए गर्व के साथ बड़ी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने इस उपलब्धि को गयाजी और बिहार के उन युवाओं से जोड़ा, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं।
