गयाजी में साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का खुलासा, फर्जी कस्टमर केयर सेंटर से 9 गिरफ्तार
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 07 अगस्त 2026,
गयाजी। गयाजी पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने शहर के व्हाइट हाउस कंपाउंड रोड नंबर-06 स्थित मोतीमणी अपार्टमेंट के चौथे फ्लोर पर किराये के फ्लैट में चल रहे कथित फर्जी कस्टमर केयर सेंटर पर छापेमारी कर 9 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार सभी आरोपी पश्चिम बंगाल के कोलकाता जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों के रहने वाले हैं।
पुलिस ने मौके से बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बैंक कार्ड और अन्य सामान बरामद किया है। कार्रवाई को साइबर अपराध के खिलाफ गयाजी पुलिस की महत्वपूर्ण कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है।
गुप्त सूचना पर बनाई गई विशेष टीम
पुलिस के अनुसार, 06 अगस्त 2026 को सूचना मिली थी कि व्हाइट हाउस कंपाउंड रोड नंबर-06 स्थित मोतीमणी अपार्टमेंट के चौथे फ्लोर पर कुछ बाहरी लोग किराये पर रहकर संगठित तरीके से साइबर ठगी का नेटवर्क चला रहे हैं।
सूचना को गंभीरता से लेते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार के निर्देश पर नगर पुलिस अधीक्षक, अभिनव के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम में पुलिस उपाधीक्षक नगर-02, साइबर थाना, रामपुर थाना तथा तकनीकी शाखा के पुलिस पदाधिकारी एवं कर्मियों को शामिल किया गया।
फ्लैट में लैपटॉप और मोबाइल से कॉल करते मिले आरोपी
गठित टीम ने मोतीमणी अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 04 (C) पर छापेमारी की। पुलिस के पहुंचते ही फ्लैट के अंदर मौजूद 9 युवक फर्श पर बैठकर लैपटॉप और मोबाइल के माध्यम से ऑनलाइन गतिविधियों एवं कॉलिंग में व्यस्त मिले।
पुलिस टीम को देखते ही सभी आरोपी घबरा गए और अपने लैपटॉप एवं मोबाइल बंद करने लगे। पुलिस ने तत्काल सभी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। फ्लैट की तलाशी के दौरान बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और बैंक कार्डों से पुलिस को साइबर ठगी के नेटवर्क के संचालन का संदेह और मजबूत हुआ।
15 मोबाइल और 6 लैपटॉप समेत बड़ी बरामदगी
पुलिस ने तलाशी के दौरान फ्लैट से और आरोपियों के कब्जे से कुल 15 मोबाइल फोन, 6 लैपटॉप, 22 विभिन्न बैंकों के क्रेडिट/डेबिट कार्ड, 500 जीबी की हार्ड डिस्क, 4 लैपटॉप चार्जर, 5 माउस, 1 वाई-फाई मशीन एवं चार्जर, एक्सटेंशन वायर, एक नोटबुक तथा 9,500 रुपये नकद बरामद किए।
इसके अतिरिक्त आरोपियों के पास से 5 हाथ की घड़ियां भी बरामद होने की जानकारी पुलिस ने दी है।
Amazon और Flipkart के फर्जी कस्टमर केयर अधिकारी बनकर करते थे ठगी
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि वे Amazon, Flipkart समेत अन्य ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म के फर्जी कस्टमर केयर सेंटर के रूप में काम करते थे।
गिरोह के सदस्य ग्राहकों को सहायता देने के नाम पर उनसे संपर्क करते और समस्या का समाधान करने का झांसा देते थे। इसके बाद तकनीकी माध्यमों का इस्तेमाल कर पीड़ित के मोबाइल या कंप्यूटर तक रिमोट एक्सेस हासिल करने की कोशिश करते थे।
रिमोट एक्सेस एप के जरिए हासिल करते थे पहुंच
पुलिस के अनुसार, आरोपी AnyDesk, UltraViewer और Port SIP Client जैसे रिमोट एक्सेस एप्लिकेशन का इस्तेमाल करते थे। इसके माध्यम से पीड़ितों के मोबाइल या कंप्यूटर तक पहुंच बनाने के बाद उनकी निजी एवं बैंकिंग संबंधी जानकारी हासिल करने का प्रयास किया जाता था।
इसके बाद TextPlus जैसे एप्लिकेशन के माध्यम से फर्जी आईडी तैयार कर अन्य साथियों की मदद से पीड़ितों से संपर्क किया जाता था।
लिंक और OTP के जरिए बैंक खातों से रुपये निकालने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों का कथित तरीका यह था कि कस्टमर केयर सहायता के नाम पर पीड़ितों से बैंक खाते से जुड़ी जानकारी एवं अन्य गोपनीय विवरण हासिल किए जाते थे। इसके बाद लिंक और OTP के माध्यम से बैंक खातों से रुपये निकालकर साइबर ठगी की जाती थी।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क से कितने लोगों को निशाना बनाया गया और अब तक कितनी रकम की साइबर ठगी की गई है।
सभी 9 आरोपी पश्चिम बंगाल के रहने वाले
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नवेद अनवर, अफजल हुसैन, ओसामा परवेज, सदाशिव भान, मोहम्मद इंजमाम आलम, मोहम्मद सलमान, अदनान अहमद, जीमल हुसैन और मोहम्मद शाहिद के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, सभी आरोपी पश्चिम बंगाल के कोलकाता जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों के रहने वाले हैं और गयाजी में किराये के फ्लैट में रहकर कथित तौर पर साइबर ठगी का नेटवर्क संचालित कर रहे थे।
रामपुर थाना में दर्ज हुआ मामला
मामले में रामपुर थाना कांड संख्या 472/26, दिनांक 06 अगस्त 2026 दर्ज कर अग्रतर कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने सभी आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है। गिरोह से जुड़े अन्य संभावित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
साइबर अपराध के खिलाफ विशेष अभियान जारी
वरीय पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार के निर्देशन में गयाजी पुलिस द्वारा जिले में साइबर अपराध में संलिप्त अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस के साथ-साथ आम लोगों को साइबर अपराध से बचाने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं।
पुलिस की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि ऑनलाइन शॉपिंग के नाम पर संचालित होने वाले फर्जी कस्टमर केयर नंबरों और रिमोट एक्सेस के जरिए होने वाली साइबर ठगी के खिलाफ पुलिस अब तकनीकी स्तर पर भी कार्रवाई तेज कर रही है।
आम लोगों के लिए जरूरी सावधानी
ऑनलाइन शॉपिंग या बैंकिंग से जुड़ी समस्या के समाधान के नाम पर यदि कोई व्यक्ति AnyDesk, UltraViewer या किसी अन्य रिमोट एक्सेस एप को इंस्टॉल करने, OTP बताने, बैंकिंग विवरण साझा करने या किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने को कहता है, तो ऐसा बिल्कुल न करें। आधिकारिक वेबसाइट या आधिकारिक ऐप पर उपलब्ध कस्टमर केयर माध्यम से ही संपर्क करना सुरक्षित है।
