कम मात्रा में खाद्यान्न वितरण पर दो डीलरों पर कार्रवाई, लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 07 अगस्त 2026,
गयाजी: जन वितरण प्रणाली (PDS) के माध्यम से लाभुकों को निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न उपलब्ध कराने में किसी भी तरह की अनियमितता को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। गयाजी जिले में कम मात्रा में खाद्यान्न वितरण की शिकायतों की जांच के बाद दो जन वितरण प्रणाली विक्रेताओं के विरुद्ध कार्रवाई शुरू की गई है। दोनों विक्रेताओं की अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) रद्द करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। वहीं, संबंधित प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों से भी जवाब-तलब किया गया है।
आमस में औचक जांच के दौरान कम खाद्यान्न देने की पुष्टि
मामला आमस प्रखंड के ग्राम पंचायत आमस का है, जहां जन वितरण प्रणाली विक्रेता मोहन सिंह के विरुद्ध लाभुकों को निर्धारित मात्रा से कम खाद्यान्न दिए जाने की शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिला आपूर्ति पदाधिकारी, गयाजी द्वारा संबंधित जन वितरण प्रणाली दुकान की औचक जांच की गई।
जांच के दौरान कुछ लाभुकों को निर्धारित मात्रा से कम खाद्यान्न दिए जाने की पुष्टि हुई। जांच टीम ने लाभुकों के बयान भी दर्ज किए, जिनके आधार पर डीलर की कार्यशैली में गंभीर लापरवाही सामने आई। इसके बाद जिला आपूर्ति पदाधिकारी द्वारा मोहन सिंह की अनुज्ञप्ति रद्द करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
बोधगया में भी कम मात्रा में खाद्यान्न वितरण का मामला
इसी प्रकार बोधगया प्रखंड के ग्राम पंचायत बकरौर के जन वितरण प्रणाली विक्रेता लखन पासवान के विरुद्ध भी लाभुकों को कम मात्रा में खाद्यान्न दिए जाने की शिकायत मिली थी।
शिकायत के आधार पर जिला आपूर्ति पदाधिकारी द्वारा जांच की गई। जांच के दौरान कुछ लाभुकों को निर्धारित मात्रा से कम खाद्यान्न दिए जाने की पुष्टि हुई। लाभुकों के बयान के आधार पर मामले में अनियमितता एवं गंभीर लापरवाही पाए जाने के बाद लखन पासवान की अनुज्ञप्ति रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
दो प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों से 24 घंटे में जवाब
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर ने आमस एवं बोधगया के प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों से भी स्पष्टीकरण मांगा है।
जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक प्रखंड में जन वितरण प्रणाली विक्रेताओं का नियमित अनुश्रवण एवं प्रभावी पर्यवेक्षण सुनिश्चित करना संबंधित प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी की जिम्मेदारी है। यदि किसी डीलर द्वारा लाभुकों को उनके निर्धारित अधिकार से कम खाद्यान्न दिया जाता है और इसकी निगरानी नहीं हो पाती है, तो यह प्रथम दृष्टया गंभीर कर्तव्यहीनता का मामला माना जाएगा।
दोनों प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों को 24 घंटे के भीतर अपना स्पष्टीकरण समर्पित करने का निर्देश दिया गया है।
लाभुकों के अधिकारों में कटौती बर्दाश्त नहीं
जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने कहा कि जन वितरण प्रणाली सरकार की महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी व्यवस्था है, जिसके माध्यम से गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाता है। ऐसे में लाभुकों के हिस्से के खाद्यान्न में किसी भी प्रकार की कटौती अथवा अनियमितता को गंभीरता से लिया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित मात्रा से कम खाद्यान्न वितरण, अनियमितता या लाभुकों के अधिकारों में कटौती किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
शिकायत मिलने पर होगी जांच और कार्रवाई
प्रशासन की ओर से कहा गया है कि जन वितरण प्रणाली से संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायत प्राप्त होने पर उसकी जांच कराई जाएगी। जांच में शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित जन वितरण प्रणाली विक्रेता के साथ-साथ लापरवाही के लिए जिम्मेदार पदाधिकारियों के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन की इस कार्रवाई से जिले के जन वितरण प्रणाली विक्रेताओं के बीच यह स्पष्ट संदेश गया है कि लाभुकों को निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की अनियमितता पर प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा।
