गया कॉलेज में सेवानिवृत्त शिक्षकेतर कर्मचारियों को दी गई भावभीनी विदाई
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 06 अक्टूबर 2026
गयाजी: मंगलवार को गया कॉलेज, गयाजी में सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकेतर कर्मचारियों के सम्मान में सी.वी. रमन सभागार में विदाई सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में महाविद्यालय परिवार की ओर से सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सम्मानपूर्वक विदाई देते हुए उनके दीर्घकालीन योगदान को याद किया गया।
पुष्पगुच्छ भेंट कर किया गया स्वागत
समारोह की शुरुआत महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सतीश सिंह चन्द्र के स्वागत के साथ हुई। मगध प्रक्षेत्र के मंत्री संतोष कुमार सिंह ने प्राचार्य को पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। वहीं बर्सर डॉ. मार्कण्डेय पाण्डेय का कर्मचारी संघ के सचिव दुर्गेश सुमन ने सम्मान किया।
सेवानिवृत्त कर्मचारियों को अंगवस्त्र देकर सम्मान
विदाई सम्मान समारोह के दौरान कैलाश प्रसाद, सुधीर कुमार जमुयार, शांति देवी, कामेश्वर भगत सहित अन्य सेवानिवृत्त शिक्षकेतर कर्मचारियों को प्राचार्य डॉ. सतीश सिंह चन्द्र ने अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर लेखापाल जावेद उल बारी, संदीप कुमार, प्रवीण कुमार सिंह, राजीव रंजन, राजू कुमार, मनीष प्रताप सिंह, कमलेश प्रसाद, राहुल कुमार सिंह सहित महाविद्यालय के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
सेवानिवृत्त कर्मचारी महाविद्यालय की महत्वपूर्ण धरोहर : प्राचार्य
समारोह को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. सतीश सिंह चन्द्र ने कहा कि सेवानिवृत्ति सरकारी सेवा का एक स्वाभाविक पड़ाव है, लेकिन किसी कर्मचारी द्वारा संस्थान के प्रति दिया गया योगदान और उनकी सेवाएं सदैव स्मरणीय रहती हैं।
उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारी महाविद्यालय की महत्वपूर्ण धरोहर हैं। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ महाविद्यालय की सेवा की है। उनके अनुभव और योगदान से महाविद्यालय को निरंतर प्रेरणा मिलती रहेगी।
स्वस्थ एवं सुखमय जीवन की कामना
प्राचार्य ने सभी सेवानिवृत्त कर्मचारियों के स्वस्थ, सुखमय और शांतिपूर्ण जीवन की कामना की। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद भी महाविद्यालय परिवार के साथ उनका संबंध सदैव बना रहेगा और उनके अनुभव एवं मार्गदर्शन का लाभ संस्थान को मिलता रहेगा।
समारोह में महाविद्यालय के शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मचारी एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का माहौल सम्मान, आत्मीयता और भावनात्मक जुड़ाव से भरा रहा।
