गया कॉलेज में आईसीटी आधारित लर्निंग पर कार्यशाला, विद्यार्थियों को एमएस ऑफिस और टीएलएम के प्रयोग का प्रशिक्षण
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 07 अक्टूबर 2026
गयाजी: बुधवार को दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय की शिक्षा पीठ की ओर से शिक्षा शास्त्र विभाग, गया कॉलेज में विद्यार्थियों के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम गया कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो. सतीश सिंह चंद्र के दिशा-निर्देशन तथा शिक्षा शास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. धनंजय धीरज के सहयोग से संपन्न हुआ।
आईसीटी आधारित लर्निंग को बताया महत्वपूर्ण
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. धनंजय धीरज ने आईसीटी आधारित लर्निंग को वर्तमान समय में विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी का प्रभावी उपयोग शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को अधिक सरल, प्रभावी, रोचक और विद्यार्थी-केंद्रित बनाने में सहायक है। उन्होंने विद्यार्थियों को डिजिटल उपकरणों एवं तकनीकी संसाधनों का दक्षतापूर्वक उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।
एमएस वर्ड, एक्सेल और पावरपॉइंट का दिया व्यावहारिक प्रशिक्षण
इंटर्नशिप कार्यक्रम के अंतर्गत एमएस ऑफिस एवं प्रेजेंटेशन विषय पर भी कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें विद्यार्थियों को एमएस वर्ड, एमएस एक्सेल और पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन के व्यावहारिक उपयोग की जानकारी दी गई।
विद्यार्थियों को दस्तावेज तैयार करने, डेटा प्रबंधन, प्रस्तुतीकरण तथा अन्य अकादमिक गतिविधियों में इन डिजिटल उपकरणों के प्रभावी इस्तेमाल का प्रशिक्षण दिया गया।
टीएलएम के निर्माण और प्रयोग पर जोर
कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों को टीएलएम (Teaching Learning Material) यानी शिक्षण-अधिगम सामग्री के निर्माण एवं प्रभावी प्रयोग के बारे में भी जानकारी दी गई। विभिन्न विषयों और कक्षा-स्तर के अनुरूप टीएलएम के चयन, निर्माण तथा उचित उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
इंटर्नशिप के दौरान विद्यालयों में शिक्षण कार्य करते समय टीएलएम के माध्यम से विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता बढ़ाने और कठिन अवधारणाओं को सरल तरीके से समझाने पर विशेष जोर दिया गया।
एमएड और बीएड के विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा
कार्यक्रम में शिक्षा शास्त्र विभाग के शिक्षक अमरेंद्र कुमार, डॉ. मोहम्मद सदरे आलम, डॉ. रानी नीना प्रियदर्शनी, निखत परवीन, अजय शर्मा एवं विदुषी कुमारी तथा शिक्षकेतर कर्मचारी संगीता राय, ताजवर नाज, अश्वनी कुमार, साबिर अली एवं विकास कुमार उपस्थित रहे।
इसके अलावा एमएड के सभी विद्यार्थियों एवं बीएड के छात्र-छात्राओं ने कार्यशाला में सक्रिय सहभागिता की। कार्यक्रम के समन्वय में स्नेहा, मो. आसीम जुबैर, सौरभ दिवाकर, आर्मोघन हुमा, प्रज्ञा, सौरभ कुमार, अनामिका कुमारी, बिभा कुमारी एवं मानसी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
