गया कॉलेज का 83वां स्थापना दिवस समारोह संपन्न राज्यपाल ने कहा शिक्षा राष्ट्रनिर्माण का सशक्त माध्यम

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आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 08 फरवरी 2026,

गयाजी; गया कॉलेज के 83वें स्थापना दिवस के अवसर पर रविवार को एकता सभागार में आयोजित मुख्य समारोह में बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खां ने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का साधन नहीं, बल्कि राष्ट्रनिर्माण का सशक्त माध्यम है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे ज्ञान को विवेक, करुणा और सेवा में रूपांतरित करें, ताकि समाज और राष्ट्र को सकारात्मक दिशा मिल सके।

राज्यपाल का भव्य स्वागत और गार्ड ऑफ ऑनर

इससे पूर्व राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खां का स्वागत गया एयरपोर्ट पर मगध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. शशि प्रताप शाही ने किया। कॉलेज परिसर पहुंचने पर एनसीसी कैडेट्स द्वारा उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके पश्चात राज्यपाल ने स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया।

स्मारिका एवं पुस्तक का विमोचन

मुख्य कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान से हुई। इसके बाद गया कॉलेज द्वारा प्रकाशित स्मारिका शतदल तथा स्वामी विवेकानंद पर आधारित पुस्तक का विमोचन किया गया। कला भारती के विद्यार्थियों द्वारा कुलगीत की मनोहारी प्रस्तुति दी गई, जिसने समारोह को गरिमामय बना दिया।

स्वामी विवेकानंद युवाओं के पथप्रदर्शक : राज्यपाल

अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि स्वामी विवेकानंद केवल संत नहीं, बल्कि युवाओं को दिशा देने वाले महान विचारक थे। उन्होंने कहा कि “उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक मत रुको” केवल एक नारा नहीं, बल्कि जीवन दर्शन है। शिक्षा का उद्देश्य जागरूक, जिम्मेदार और नैतिक नागरिकों का निर्माण होना चाहिए।

गया कॉलेज शैक्षणिक और सांस्कृतिक धरोहर : डॉ प्रेम कुमार

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बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि गया कॉलेज बिहार की शैक्षणिक और सांस्कृतिक धरोहर है। यहां से निकले विद्यार्थियों ने प्रशासन, शिक्षा, राजनीति और समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उन्होंने युवाओं से भारतीय संस्कृति और चेतना की रक्षा का आह्वान किया।

शिक्षा और उद्योग के समन्वय पर जोर

उद्योग एवं सड़क मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने सेवा को साधना का रूप दिया। शिक्षा और उद्योग के समन्वय से ही राज्य का सर्वांगीण विकास संभव है। ऐसे शैक्षणिक संस्थान नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

चरित्र निर्माण भी शिक्षा का लक्ष्य : डॉ. अशोक चौधरी

भवन निर्माण विभाग मंत्री डॉ. अशोक कुमार चौधरी ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण भी है। उन्होंने उच्च शिक्षा में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे सुधारों की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को शोध और नवाचार से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।

वेदांत का आधुनिक दृष्टिकोण : कुलपति

मगध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. शशि प्रताप शाही ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने वेदांत को आधुनिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ विश्व पटल पर प्रस्तुत किया, जिससे भारत की बौद्धिक परंपरा को वैश्विक पहचान मिली।

आभार ज्ञापन और समापन

कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सतीश सिंह चंद्र ने सभी अतिथियों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि गया कॉलेज शिक्षा के साथ संस्कार और राष्ट्रनिर्माण के अपने संकल्प पर निरंतर आगे बढ़ता रहेगा। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

कार्यक्रम में ये रहे मौजूद

समारोह की अध्यक्षता प्राचार्य प्रो. सतीश सिंह चंद्र ने की। विशिष्ट अतिथियों में बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार, उद्योग एवं सड़क मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल, भवन निर्माण विभाग मंत्री डॉ. अशोक कुमार चौधरी, विधान पार्षद जीवन कुमार, मगध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. शशि प्रताप शाही सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, छात्र और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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