सीयूएसबी में नव-नियुक्त शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण, शोध और डिजिटल प्रशासन का दिया गया प्रशिक्षण

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आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 01 जुलाई 2026,

गयाजी: दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के यूजीसी मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र (एमएमटीटीसी) द्वारा शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार की यूजीसी-मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम (एमएमटीटीपीपी) के अंतर्गत आयोजित 24 दिवसीय आवासीय ‘गुरु दक्षता कार्यक्रम’ (फैकल्टी इंडक्शन प्रोग्राम-एफआईपी) में विशेषज्ञों ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, एआई आधारित शोध उपकरणों तथा ई-गवर्नेंस प्रणाली पर विस्तृत व्याख्यान दिए। कार्यक्रम का उद्देश्य नव-नियुक्त शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण पद्धति, अनुसंधान एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं से दक्ष बनाना है।

एनईपी-2020 के अनुरूप पाठ्यक्रम निर्माण पर दिया गया विशेष व्याख्यान

कार्यक्रम में जय प्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा के कुलपति प्रो. परमेन्द्र कुमार बाजपेयी ने “राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के परिप्रेक्ष्य में पाठ्यक्रम निर्माण एवं विकास” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय का पाठ्यक्रम अनुभवात्मक, बहुविषयक, जिज्ञासा-आधारित, खोजपरक, शिक्षार्थी-केंद्रित, कौशल-आधारित एवं आनंददायक होना चाहिए, ताकि विद्यार्थी केवल ज्ञान प्राप्त करने तक सीमित न रहकर सीखने की प्रक्रिया के सक्रिय सहभागी बन सकें।

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि प्रभावी पाठ्यक्रम विद्यार्थियों में आलोचनात्मक चिंतन, सृजनात्मकता, समस्या समाधान क्षमता, प्रभावी संप्रेषण कौशल तथा आजीवन सीखने की प्रवृत्ति विकसित करने वाला होना चाहिए। साथ ही उन्होंने परिणाम-आधारित शिक्षा (Outcome Based Education) को प्रभावी बनाने के लिए अधिगम परिणाम, शिक्षण रणनीति और मूल्यांकन प्रणाली के बीच समन्वय की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

एआई आधारित शोध उपकरणों के उपयोग की दी जानकारी

सीयूएसबी के सह पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. मयंक युवराज ने ‘शोध-पत्र लेखन एवं प्रकाशन हेतु कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित शोध उपकरणों के अनुप्रयोग’ विषय पर व्याख्यान देते हुए साहित्य समीक्षा, शोध-पत्र लेखन, अकादमिक गुणवत्ता सुधार तथा संदर्भ एवं उद्धरण प्रबंधन में एआई आधारित उपकरणों के प्रभावी उपयोग का प्रदर्शन किया।

उन्होंने बताया कि आधुनिक एआई-सहायित शोध उपकरण शोध कार्य की गुणवत्ता बनाए रखते हुए उसकी दक्षता एवं उत्पादकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

समर्थ ई-गवर्नेंस पोर्टल का दिया गया व्यावहारिक प्रशिक्षण

कार्यक्रम में सीयूएसबी के सूचना वैज्ञानिक क्षितिज सिंह ने प्रतिभागी शिक्षकों को समर्थ ई-गवर्नेंस पोर्टल के विभिन्न उपयोगों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। उन्होंने फैकल्टी प्रोफाइल तैयार करने एवं अद्यतन करने, कैरियर एडवांसमेंट स्कीम (CAS) के लिए आवेदन, आधिकारिक फाइलों की ऑनलाइन निगरानी, परीक्षा परिणाम अपलोड करने सहित अन्य शैक्षणिक एवं प्रशासनिक सेवाओं के उपयोग की जानकारी दी।

42 शिक्षक ले रहे हैं प्रशिक्षण

जनसंपर्क पदाधिकारी मोहम्मद मुदस्सीर आलम ने बताया कि गुरु दक्षता कार्यक्रम का संचालन एमएमटीटीसी के निदेशक डॉ. तरुण कुमार त्यागी, कृषि विभाग के डॉ. हेमंत कुमार सिंह, अर्थशास्त्र विभाग के श्री आतिश दाश तथा शिक्षक शिक्षा विभाग की लेफ्टिनेंट डॉ. प्रज्ञा गुप्ता के समन्वित प्रयासों से किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में बिहार एवं झारखंड के 10 विश्वविद्यालयों से आए 42 नव-नियुक्त शिक्षक भाग ले रहे हैं।

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