‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत कृषि विज्ञान केंद्र में प्राकृतिक खेती पर कार्यशाला, 400 किसानों ने लिया भाग

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आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 16 जून 2026,

गयाजी: जिले के मानपुर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) में आत्मा (ATMA), गयाजी द्वारा “खेत बचाओ अभियान” के तहत प्राकृतिक खेती एवं मृदा स्वास्थ्य जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में लगभग 400 किसानों सहित जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यशाला का उद्देश्य किसानों को मिट्टी की उर्वरा शक्ति के संरक्षण, रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने तथा टिकाऊ एवं लाभकारी खेती के प्रति जागरूक करना था।

विधानसभा अध्यक्ष ने किया किसानों को संबोधित

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार रहे। उन्होंने खेत बचाओ अभियान के महत्व, प्राकृतिक खेती, मृदा संरक्षण, संतुलित उर्वरक उपयोग एवं जैविक संसाधनों के प्रयोग पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने किसानों से मृदा परीक्षण आधारित खेती अपनाने की अपील करते हुए कहा कि स्वस्थ मिट्टी ही समृद्ध खेती की आधारशिला है।

प्राकृतिक खेती से बढ़ेगी किसानों की आय

विशिष्ट अतिथि अतरी विधायक रोमित कुमार ने किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती के लाभों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कम लागत में अधिक उत्पादन, रसायन मुक्त कृषि और किसानों की आय बढ़ाने में प्राकृतिक खेती महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। भाजपा नेताओं ने भी पर्यावरण अनुकूल खेती और जैविक संसाधनों के उपयोग पर जोर दिया।

वैज्ञानिकों ने दी तकनीकी जानकारी

कृषि विज्ञान केंद्र के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान अभियंता मनोज कुमार राय ने किसानों को वैज्ञानिक खेती तकनीकों और कृषि विज्ञान केंद्र की सेवाओं की जानकारी दी। प्रखंड कृषि पदाधिकारी संजीव कुमार ने कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं किसानों को मिलने वाले लाभों पर प्रकाश डाला। वहीं उप निदेशक (रसायन) राजीव कुमार ने मृदा स्वास्थ्य कार्ड, मिट्टी जांच की वैज्ञानिक प्रक्रिया तथा संतुलित उर्वरक उपयोग की आवश्यकता पर विस्तृत जानकारी दी।

कीट प्रबंधन और मृदा स्वास्थ्य पर विशेष सत्र

उद्यान वैज्ञानिक डॉ. फरहाना खातून ने सब्जी फसलों में कीट एवं रोग प्रबंधन, समेकित कीट प्रबंधन (IPM), जैविक कीटनाशियों और सुरक्षित उत्पादन तकनीकों पर जानकारी दी। मृदा वैज्ञानिक डॉ. रश्मि प्रियदर्शी ने मृदा परीक्षण, जैव उर्वरकों (पीएसबी, एजोटोबैक्टर, ट्राइकोडर्मा), कार्बनिक पदार्थों की बढ़ोतरी तथा संतुलित पोषण प्रबंधन पर विस्तार से चर्चा की।

किसानों ने प्रशिक्षण को बताया उपयोगी

कार्यक्रम का संचालन आत्मा, गयाजी के डिप्टी परियोजना निदेशक नीरज कुमार ने किया। उपस्थित किसानों ने वैज्ञानिकों द्वारा दी गई जानकारी को बेहद उपयोगी बताते हुए ऐसे कार्यक्रमों के नियमित आयोजन की मांग की। अंत में किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने, नियमित मिट्टी जांच कराने तथा खेतों की उर्वरा शक्ति बनाए रखने की अपील की गई।

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