श्रावण मास के प्रथम सोमवार पर शिवभक्ति में डूबा जनमानस, मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

0
image_search_1785785343685.jpg
Share with

आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 03 अगस्त 2026,

गयाजी: श्रावण मास के प्रथम सोमवार के अवसर पर गयाजी जिले के प्रमुख शिवालयों में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।  भगवान भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिरों में पहुंचे। मंदिर परिसर ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयघोष से गूंज उठे। श्रद्धालुओं ने गंगाजल, दूध, दही, शहद, बेलपत्र, धतूरा, आक एवं विभिन्न पूजन सामग्रियों से विधि-विधान के साथ भगवान शिव का अभिषेक किया।

श्रावण सोमवार का विशेष धार्मिक महत्व

सनातन परंपरा में श्रावण मास भगवान शिव की आराधना का सबसे पवित्र महीना माना जाता है। मान्यता है कि इस माह के प्रत्येक सोमवार को श्रद्धा एवं नियमपूर्वक व्रत-पूजन करने से भगवान शिव प्रसन्न होकर भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। प्रथम सोमवार होने के कारण श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।

सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर प्रशासन की विशेष नजर

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसरों में प्रशासन द्वारा सुरक्षा एवं यातायात की विशेष व्यवस्था की गई। पुलिस बल की तैनाती के साथ स्वयंसेवकों को भी भीड़ प्रबंधन में लगाया गया। मंदिर समितियों ने पेयजल, कतार व्यवस्था तथा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवश्यक इंतजाम किए।

कांवड़ियों में भी दिखा उत्साह

श्रावण मास के प्रथम सोमवार पर कांवड़ियों का उत्साह भी देखते ही बना। विभिन्न मार्गों से जल लेकर पहुंचे शिवभक्तों ने मंदिरों में भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। भगवा वस्त्र धारण किए कांवड़ियों के समूह और ‘बोल बम’ के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।

श्रद्धा, आस्था और अनुशासन का अद्भुत संगम

श्रावण मास का प्रथम सोमवार केवल धार्मिक आस्था का ही नहीं, बल्कि सामाजिक सौहार्द और अनुशासन का भी प्रतीक बनकर सामने आया। श्रद्धालुओं ने शांतिपूर्ण वातावरण में पूजा-अर्चना कर भगवान शिव से परिवार, समाज और राष्ट्र के सुख-समृद्धि तथा कल्याण की कामना की।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

You cannot copy content of this page