किलकारी बाल भवन में 20 दिवसीय नाट्य कार्यशाला का उत्साह, मगही में तैयार हो रहा ‘अंधेर नगरी’ नाटक
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 16 जून 2026,
गयाजी: किलकारी बिहार बाल भवन गयाजी में आयोजित 20 दिवसीय समर कैंप के अंतर्गत नाटक विधा की विशेष कार्यशाला उत्साहपूर्वक संचालित की जा रही है। कार्यशाला में बच्चों को नाट्य प्रशिक्षक नन्दकिशोर द्वारा अभिनय, संवाद-अभिव्यक्ति, मंच संचालन तथा रंगकर्म की विभिन्न तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बच्चे पूरे उत्साह के साथ प्रतिदिन अभ्यास में भाग ले रहे हैं।
मगही भाषा में होगा ‘अंधेर नगरी’ का मंचन
कार्यशाला की सबसे खास बात यह है कि बच्चों को प्रसिद्ध नाटक ‘अंधेर नगरी’ का मंचन मगही भाषा में आधुनिक शैली के साथ तैयार कराया जा रहा है। पारंपरिक कथा को स्थानीय भाषा और समकालीन प्रस्तुति के माध्यम से प्रस्तुत करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे बच्चों में अपनी मातृभाषा और लोकसंस्कृति के प्रति जुड़ाव मजबूत हो सके।
रंग संगीत का भी दिया जा रहा प्रशिक्षण
नाट्य कार्यशाला के दौरान बच्चों को विभिन्न चर्चित नाटककारों के नाटकों में प्रयुक्त गीतों पर आधारित रंग संगीत का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। संगीत, अभिनय और नृत्य के समन्वय से इन प्रस्तुतियों को आकर्षक बनाने की तैयारी चल रही है, ताकि मंचन के दौरान दर्शकों को एक समृद्ध सांस्कृतिक अनुभव मिल सके।
व्यक्तित्व विकास और सांस्कृतिक चेतना पर जोर
नाट्य प्रशिक्षक नन्दकिशोर ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य बच्चों के व्यक्तित्व विकास, आत्मविश्वास, रचनात्मक अभिव्यक्ति और सांस्कृतिक चेतना को बढ़ावा देना है। नाटक के माध्यम से बच्चों में टीमवर्क, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता का भी विकास हो रहा है।
समापन समारोह में होगी विशेष प्रस्तुति
समर कैंप के समापन अवसर पर बच्चों द्वारा तैयार किए गए नाटक ‘अंधेर नगरी’ तथा रंग संगीत की विशेष प्रस्तुति दर्शकों के समक्ष दी जाएगी। इस मंचन के माध्यम से बच्चे अपनी अभिनय प्रतिभा, रचनात्मकता और सीखी गई कलात्मक विधाओं का प्रदर्शन करेंगे।
