भ्रष्टाचार के आरोपों पर उपमुख्यमंत्री की सख्त कार्रवाई
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 28 जनवरी 2026,
गयाजी; बिहार सरकार के उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के गंभीर आरोपों में घिरे एक अंचल अधिकारी (CO) पर बड़ी कार्रवाई की है। लगातार मिल रही शिकायतों और प्रथम दृष्टया आरोपों को गंभीर मानते हुए मंत्री ने संबंधित CO को तत्काल प्रभाव से “ऑन सपोर्ट” हटाने का निर्देश दिया है।
विभागीय सचिव को कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश
मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने विभागीय सचिव को स्पष्ट आदेश दिया है कि आरोपी CO को मौजूदा पद से हटाकर उसके खिलाफ विधिसम्मत विभागीय कार्रवाई शुरू की जाए। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया है।
रिश्वत लेने का गंभीर आरोप
जानकारी के अनुसार, संबंधित CO पर अपने निजी गार्ड के माध्यम से 25 हजार रुपये रिश्वत लेने का आरोप है। शिकायतकर्ता का दावा है कि जमीन से जुड़े एक मामले के निपटारे के एवज में यह राशि मांगी गई और गार्ड के जरिए ली भी गई।
कोर्ट आदेश की अवहेलना का आरोप
शिकायत में यह भी कहा गया है कि मामला सामने आने के बावजूद CO ने न तो कोर्ट के आदेश का पालन किया और न ही शिकायतकर्ता को न्याय दिलाने की दिशा में कोई ठोस कदम उठाया, जिससे पीड़ित को उच्च स्तर पर शिकायत दर्ज करानी पड़ी।
भू-माफियाओं को संरक्षण देने के आरोप
शिकायतों में CO पर भू-माफियाओं को खुला संरक्षण देने का भी आरोप लगाया गया है। वैध कागजात होने के बावजूद फाइलें लंबित रखने और भू-माफियाओं के पक्ष में नियमों को ताक पर रखकर फैसले लेने की बातें सामने आई हैं।
मोबाइल कॉल से पैसों की डिमांड
आरोप है कि CO स्वयं मोबाइल फोन के जरिए शिकायतकर्ताओं को कॉल कर पैसों की मांग करते थे और दबाव बनाते थे। इस तरह की शिकायतें एक से अधिक लोगों द्वारा दर्ज कराई गई हैं।
एक से अधिक शिकायतों से बढ़ी मामले की गंभीरता
मामले की गंभीरता तब और बढ़ गई जब अलग-अलग लोगों ने लिखित और मौखिक रूप से CO की कार्यशैली को संदिग्ध बताते हुए शिकायतें दर्ज कराईं। कई मामलों में कोर्ट के आदेशों की अवहेलना का भी आरोप लगाया गया है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ मंत्री का सख्त रुख
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री विजय कुमार सिन्हा पहले से ही भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए हैं। जनसंवाद कार्यक्रमों और समीक्षा बैठकों में वे स्पष्ट कर चुके हैं कि विभाग में भ्रष्टाचार, दलाली और भू-माफिया से सांठगांठ किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रारंभिक जांच शुरू, स्पष्टीकरण की तैयारी
विभागीय स्तर पर प्रारंभिक जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द ही संबंधित CO से स्पष्टीकरण मांगा जा सकता है। जांच में रिश्वतखोरी, पद के दुरुपयोग और भू-माफियाओं को संरक्षण देने जैसे बिंदुओं पर विशेष फोकस रहेगा।
दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई संभव
यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो निलंबन के साथ-साथ बर्खास्तगी तक की कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। इस कार्रवाई से विभागीय हलकों में हड़कंप मच गया है।
जनता ने किया कार्रवाई का स्वागत
आम लोगों और जमीन से जुड़े मामलों में वर्षों से परेशान पीड़ितों ने मंत्री के इस कदम का स्वागत किया है। लोगों का मानना है कि ऐसी सख्त और ईमानदार कार्रवाई से जमीन से जुड़े विवादों और भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है। फिलहाल पूरे मामले पर विभाग की कड़ी नजर बनी हुई है। आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट आने के बाद तय की जाएगी।
