पितृपक्ष मेला-2026 की तैयारियों को लेकर बैठक, श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधाओं पर विशेष जोर

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आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 20 अगस्त 2026

गयाजी: पितृपक्ष मेला-2026 के दौरान देश-विदेश से गयाजी आने वाले पिंडदानियों एवं श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा तथा मेला क्षेत्र में बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गुरुवार को समाहरणालय सभागार में विधि व्यवस्था कोषांग की बैठक आयोजित की गई। बैठक में मेला अवधि के दौरान आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा एवं निर्णय लिया गया।

सुरक्षा से लेकर यातायात व्यवस्था तक पर चर्चा

बैठक में खोया-पाया केंद्र, अस्थायी एवं स्थायी थाना, पुलिस व्यवस्था, बैरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, दंडाधिकारी एवं पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति, नशाखोरी पर नियंत्रण सहित श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा से जुड़े विषयों की समीक्षा की गई।

मेला क्षेत्र में पर्याप्त बैरिकेडिंग एवं प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए आवश्यक प्रबंध करने पर जोर दिया गया। विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों पर पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी एवं पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया।

छिनतई गिरोहों पर कार्रवाई की तैयारी

मेला के दौरान छिनतई जैसी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए ऐसे गिरोहों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध धारा 107 के तहत प्रस्ताव देने का निर्णय लिया गया। साथ ही मेला क्षेत्र में नशाखोरी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।

पिछले वर्षों की समस्याओं की भी हुई समीक्षा

बैठक में पिछले वर्षों के पितृपक्ष मेला के दौरान सामने आई समस्याओं एवं अनुभवों की भी समीक्षा की गई। निर्णय लिया गया कि इस वर्ष मेला को पिछले वर्षों की तुलना में और अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित एवं श्रद्धालु-अनुकूल बनाया जाएगा।

इस दिशा में संबंधित अंचल अधिकारियों, प्रखंड विकास पदाधिकारियों एवं थानाध्यक्षों से एक सप्ताह के भीतर सुझाव एवं प्रस्ताव उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है, ताकि प्राप्त सुझावों की समीक्षा कर आवश्यक निर्णय लिया जा सके।

लगातार समन्वय और निगरानी के निर्देश

मेला अवधि में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने तथा व्यवस्थाओं की सतत निगरानी करने का निर्देश संबंधित पदाधिकारियों को दिया गया। श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूरी करने पर जोर दिया गया।

बैठक में सहायक समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक, नगर पुलिस पदाधिकारी, वजीरगंज एवं बोधगया के पदाधिकारी, बाल संरक्षण इकाई एवं सामाजिक सुरक्षा कोषांग के पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी तथा विभिन्न थाना क्षेत्रों के थानाध्यक्ष सहित संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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गयाजी: पितृपक्ष मेला-2026 के दौरान देश-विदेश से गयाजी आने वाले पिंडदानियों एवं श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा तथा मेला क्षेत्र में बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गुरुवार को समाहरणालय सभागार में विधि व्यवस्था कोषांग की बैठक आयोजित की गई। बैठक में मेला अवधि के दौरान आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा एवं निर्णय लिया गया।

सुरक्षा से लेकर यातायात व्यवस्था तक पर चर्चा

बैठक में खोया-पाया केंद्र, अस्थायी एवं स्थायी थाना, पुलिस व्यवस्था, बैरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, दंडाधिकारी एवं पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति, नशाखोरी पर नियंत्रण सहित श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा से जुड़े विषयों की समीक्षा की गई।

मेला क्षेत्र में पर्याप्त बैरिकेडिंग एवं प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए आवश्यक प्रबंध करने पर जोर दिया गया। विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों पर पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी एवं पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया।

छिनतई गिरोहों पर कार्रवाई की तैयारी

मेला के दौरान छिनतई जैसी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए ऐसे गिरोहों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध धारा 107 के तहत प्रस्ताव देने का निर्णय लिया गया। साथ ही मेला क्षेत्र में नशाखोरी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।

पिछले वर्षों की समस्याओं की भी हुई समीक्षा

बैठक में पिछले वर्षों के पितृपक्ष मेला के दौरान सामने आई समस्याओं एवं अनुभवों की भी समीक्षा की गई। निर्णय लिया गया कि इस वर्ष मेला को पिछले वर्षों की तुलना में और अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित एवं श्रद्धालु-अनुकूल बनाया जाएगा।

इस दिशा में संबंधित अंचल अधिकारियों, प्रखंड विकास पदाधिकारियों एवं थानाध्यक्षों से एक सप्ताह के भीतर सुझाव एवं प्रस्ताव उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है, ताकि प्राप्त सुझावों की समीक्षा कर आवश्यक निर्णय लिया जा सके।

लगातार समन्वय और निगरानी के निर्देश

मेला अवधि में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने तथा व्यवस्थाओं की सतत निगरानी करने का निर्देश संबंधित पदाधिकारियों को दिया गया। श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूरी करने पर जोर दिया गया।

बैठक में सहायक समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक, नगर पुलिस पदाधिकारी, वजीरगंज एवं बोधगया के पदाधिकारी, बाल संरक्षण इकाई एवं सामाजिक सुरक्षा कोषांग के पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी तथा विभिन्न थाना क्षेत्रों के थानाध्यक्ष सहित संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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