गया जंक्शन और विष्णुपद मंदिर में NSS का फीडबैक अभियान, श्रद्धालुओं ने की पितृपक्ष मेले की व्यवस्थाओं की सराहना
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 10 अक्टूबर 2026
गयाजी। विश्वप्रसिद्ध पितृपक्ष मेला महासंगम के दौरान श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराई गई सुविधाओं और व्यवस्थाओं का आकलन करने के लिए राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS), गया कॉलेज के स्वयंसेवकों द्वारा गया जंक्शन और विष्णुपद मंदिर परिसर में फीडबैक अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत पिंडदान कर अपने घर लौट रहे श्रद्धालुओं से मेले के दौरान मिले अनुभवों और व्यवस्थाओं को लेकर उनकी राय ली जा रही है।
श्रद्धालुओं से पूछे जा रहे सवाल
अभियान में शामिल स्वयंसेवक हाथों में डायरी और पेन लेकर श्रद्धालुओं से बातचीत कर रहे हैं। उनसे पूछा जा रहा है कि विष्णुपद मंदिर में पिंडदान के दौरान उन्हें किसी प्रकार की कठिनाई का सामना करना पड़ा या नहीं। इसके साथ ही जिला प्रशासन और स्वयंसेवकों की ओर से की गई व्यवस्थाओं पर उनकी प्रतिक्रिया तथा भविष्य में मेले को और बेहतर बनाने के लिए सुझाव भी लिए जा रहे हैं।
प्रशासन और स्वयंसेवकों की व्यवस्था की सराहना
फीडबैक के दौरान कई श्रद्धालुओं ने बताया कि जिला प्रशासन और स्वयंसेवकों की सक्रिय मौजूदगी से उन्हें काफी सहूलियत मिली। श्रद्धालुओं के अनुसार, विभिन्न स्थानों पर तैनात स्वयंसेवकों ने जरूरत पड़ने पर उनकी मदद की, जिससे पिंडदान की प्रक्रिया और यात्रा के दौरान उन्हें सुविधा मिली।
श्रद्धालुओं की इन प्रतिक्रियाओं से गयाजी आने वाले तीर्थयात्रियों के अनुभवों और व्यवस्थाओं के सकारात्मक पहलुओं को समझने में मदद मिल रही है। साथ ही, यह फीडबैक भविष्य में पितृपक्ष मेले की सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।
डॉ. राजेश कुमार मिश्रा के नेतृत्व में अभियान
यह फीडबैक अभियान NSS कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. राजेश कुमार मिश्रा के नेतृत्व में संचालित किया जा रहा है। इसमें गया कॉलेज के स्वयंसेवक सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। श्रद्धालुओं से सीधे संवाद कर उनकी राय दर्ज करने की यह पहल मेले की व्यवस्थाओं का जमीनी आकलन करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
पितृपक्ष मेले में देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले श्रद्धालुओं के अनुभवों को दर्ज करना न केवल प्रशासनिक व्यवस्थाओं की समीक्षा में सहायक है, बल्कि इससे आने वाले वर्षों में तीर्थयात्रियों को और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम किया जा सकता है।
