बाना गांव पहुंचे एसएसपी सुशील कुमार, पीड़ित परिवार की सुरक्षा के लिए रात से लगेगा पुलिस कैंप
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 12 अक्टूबर 2026
गयाजी: खिजरसराय थाना क्षेत्र के बाना गांव स्थित महादलित टोला में कांति देवी की हत्या के बाद पुलिस प्रशासन ने पीड़ित परिवार की सुरक्षा को लेकर अहम कदम उठाया है। सोमवार को गयाजी के एसएसपी सुशील कुमार स्वयं बाना गांव पहुंचे और पीड़ित परिवार से उनके आवास पर मुलाकात की। उन्होंने परिजनों से घटना की विस्तृत जानकारी ली और उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिलाया। एसएसपी ने घोषणा की कि पीड़ित परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सोमवार रात से ही बाना महादलित टोला में पुलिस कैंप स्थापित किया जाएगा। मौके पर नीमचक बथानी अनुमंडल पदाधिकारी केशव आनंद और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सुरेन्द्र कुमार सिंह भी उपस्थित रहे।
पीड़ित परिवार को दिया सुरक्षा का भरोसा
कांति देवी हत्याकांड के बाद पीड़ित परिवार के बीच भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। इसी को देखते हुए एसएसपी सुशील कुमार ने स्वयं गांव पहुंचकर परिजनों से बातचीत की। उन्होंने परिवार की चिंताओं को सुना और भरोसा दिलाया कि उन्हें डरने की जरूरत नहीं है। पुलिस प्रशासन उनकी सुरक्षा के लिए पूरी तरह गंभीर है।
एसएसपी ने परिजनों से बेझिझक और निश्चिंत रहने की अपील करते हुए कहा कि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। सोमवार रात से गांव के महादलित टोले में पुलिस कैंप की स्थापना इसी दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है।
आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी
एसएसपी सुशील कुमार ने परिजनों को बताया कि हत्याकांड में शामिल आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं। आरोपितों की तलाश में कई संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि आरोपितों को जल्द गिरफ्तार कर कानून के दायरे में लाने के लिए पुलिस हरसंभव प्रयास कर रही है।
गौरतलब है कि कांति देवी की हत्या के बाद से आरोपितों की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे थे। ऐसे में जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का स्वयं गांव पहुंचना और सुरक्षा के लिए पुलिस कैंप स्थापित करने का निर्णय लेना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पुलिस कैंप से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने की उम्मीद
बाना महादलित टोला में पुलिस कैंप स्थापित होने से पीड़ित परिवार के साथ-साथ स्थानीय ग्रामीणों में भी सुरक्षा की भावना मजबूत होने की उम्मीद है। पुलिस की मौजूदगी से संभावित खतरे की निगरानी करने और किसी भी अप्रिय स्थिति में त्वरित कार्रवाई करने में मदद मिल सकती है।
फिलहाल, पीड़ित परिवार को आरोपितों की जल्द गिरफ्तारी और मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई का इंतजार है। अब सबकी निगाहें पुलिस की आगे की कार्रवाई और फरार आरोपितों की गिरफ्तारी पर टिकी हैं।
