छह प्रखंडों में जीविका महिला सामुदायिक संगठनों की वार्षिक आमसभा, 6 लाख से अधिक परिवारों की आजीविका से जुड़ा नेटवर्क

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आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 24 अगस्त 2026

गयाजी: जिले के छह प्रखंडों में जीविका महिला सामुदायिक संगठनों की ओर से वार्षिक आमसभाओं का आयोजन किया गया। जीविका महिला विकास स्वावलंबी सहकारी समितियों द्वारा आयोजित इन आमसभाओं में वित्तीय वर्ष 2025-26 के आय-व्यय का विवरण प्रस्तुत किया गया।

आमसभाओं में आमस की अवतार, चंदौती की संकल्प, बोधगया की एकता, फतेहपुर की सवेरा, परैया की अन्नपूर्णा और वजीरगंज की गगन समितियां शामिल रहीं।

महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से बनीं आमसभाएं

आमसभाओं में बड़ी संख्या में शेयरधारकों, समिति पदाधिकारियों, निदेशक मंडल, जीविका कैडर एवं महिला सदस्यों ने भाग लिया। जीविका के प्रखंड एवं जिला स्तर के प्रबंधकों, क्षेत्रीय समन्वयकों और सामुदायिक समन्वयकों ने भी विभिन्न स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में सहभागिता की।

कार्यक्रमों के दौरान जीविका दीदियों ने महिला जागरूकता से जुड़े लोकगीत प्रस्तुत किए। महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से सामुदायिक भागीदारी का संदेश दिया।

प्रशिक्षण प्रबंधक धर्मेंद्र कुमार, प्रबंधक संचार दिनेश कुमार एवं प्रशिक्षण अधिकारी जयराम सिंह ने बोधगया, चंदौती और परैया की समितियों की आमसभाओं में भाग लिया।

51 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों का नेटवर्क

गयाजी जिले में वर्तमान में 74 संकुल स्तरीय महिला संघ सक्रिय हैं। इनके माध्यम से 51 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूह गठित किए गए हैं। इन समूहों से छह लाख से अधिक परिवार जुड़े हुए हैं और आजीविका के विभिन्न माध्यमों के जरिए अपनी आर्थिक स्थिति बेहतर करने की दिशा में काम कर रहे हैं।

इन स्वयं सहायता समूहों को सहयोग देने के लिए जिले में 3,436 ग्राम संगठन और 74 संकुल स्तरीय संघ गठित किए गए हैं।

महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर जोर

सभी समितियां सहकारी कानून के तहत पंजीकृत होकर महिला जीविका विकास स्वावलंबी सहकारी समिति लिमिटेड के रूप में कार्य कर रही हैं। इनका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना, स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना और ग्रामीण परिवारों की आजीविका को मजबूत करना है।

वार्षिक आमसभाओं के माध्यम से जहां समितियों के वित्तीय एवं सामुदायिक कामकाज की समीक्षा का अवसर मिला, वहीं महिलाओं को अपनी संस्थागत भूमिका, उपलब्धियों और भविष्य की प्राथमिकताओं पर सामूहिक रूप से विचार करने का मंच भी मिला।

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