अंतरराष्ट्रीय नृत्य दिवस पर किलकारी गया में रंगारंग कार्यक्रम, बच्चों ने बिखेरा प्रतिभा का जलवा
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 29 अप्रैल 2026,
गयाजी: दिनांक 29 अप्रैल 2026 को अन्तर्राष्ट्रीय नृत्य दिवस के अवसर पर बिहार बाल भवन किलकारी, गयाजी में विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर बच्चों ने शास्त्रीय और लोक नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर कला और संस्कृति की विविधता को प्रदर्शित किया।
लोक नर्तक ने बढ़ाया उत्साह
कार्यक्रम में लोक नर्तक गौतम कुमार उर्फ गोलू ने बच्चों की प्रस्तुतियों का अवलोकन किया और उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि “नृत्य केवल शरीर की गति नहीं, बल्कि आत्मा की अभिव्यक्ति है। यह हमारी पहचान और एकता का प्रतीक है।”
शास्त्रीय और लोक नृत्य की शानदार प्रस्तुति
कार्यक्रम में बच्चों ने कथक और भरतनाट्यम जैसे शास्त्रीय नृत्यों के साथ-साथ झूमर, कजरी और झिझिया जैसे लोक नृत्यों की आकर्षक प्रस्तुति दी। मुस्कान कुमारी, कुमकुम कुमारी, खुशी कुमारी, इशिका कुमारी, ऋषिका कुमारी सहित कई प्रतिभागियों ने अपने प्रदर्शन से दर्शकों का मन मोह लिया।
विविध संस्कृतियों से परिचय
आयोजन के दौरान बच्चों को विभिन्न राज्यों के लोक एवं शास्त्रीय नृत्यों से परिचित कराने के लिए पैनल के माध्यम से वीडियो भी दिखाए गए। इसके जरिए बच्चों ने अलग-अलग प्रदेशों की संस्कृति, वेशभूषा और परंपराओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।
नृत्य को बताया अभिव्यक्ति का माध्यम
किलकारी के सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी आकाश कुमार ने कहा कि जहां शब्द समाप्त हो जाते हैं, वहां से नृत्य की अभिव्यक्ति शुरू होती है। वहीं सीआरपी सोनम कुमारी ने नृत्य को मानव सभ्यता की प्राचीनतम कला बताते हुए इसके महत्व पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर सहायक लेखा पदाधिकारी गुड़िया कुमारी, संगीत प्रशिक्षक संदीप कुमार सिंह, दिनेश कुमार मौवर, स्वेता कुमारी, नाटक शिक्षक नंदकिशोर, खेल प्रशिक्षक गोविंद कुमार, अखिलेश कुमार, जीसू कुमार, मूर्तिकला कलाकार सुरेंद्र कुमार, विजयंत कुमार तथा चित्रकला एवं हस्तकला प्रशिक्षक ललिता कुमारी, पिंटू कुमार सहित कई कलाकार एवं कला प्रेमी उपस्थित रहे।
