पितृपक्ष महासंगम मेला में पिंडदानियों को मिलेगी निःशुल्क चिकित्सा सुविधा, IMA गयाजी ने की सेवा की घोषणा
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 18 सितंबर 2026
गयाजी: पितृपक्ष महासंगम मेला 2026 में देश-विदेश से गया आने वाले पिंडदानियों एवं श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA), गयाजी शाखा ने मानवीय पहल की है। आईएमए गयाजी के सदस्यों ने मेला अवधि के दौरान पिंडदानियों को आवश्यक चिकित्सा सहयोग उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।
इस संबंध में 18 सितंबर को जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर के समक्ष हुई बैठक के बाद आईएमए गयाजी शाखा के अध्यक्ष डॉ. विश्व विजय सिंह एवं सचिव डॉ. विमलेंदु विमल ने संगठन के चिकित्सकों की ओर से आवश्यक सहयोग का आश्वासन दिया।
निजी क्लिनिक में पहुंचने पर मिलेगा फर्स्ट एड
आईएमए गयाजी शाखा के अनुसार, मेला अवधि के दौरान यदि कोई पिंडदानी बीमार पड़ता है और चिकित्सा सहायता के लिए किसी चिकित्सक के निजी क्लिनिक में पहुंचता है, तो संबंधित चिकित्सक द्वारा उसे निःशुल्क फर्स्ट एड यानी प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराई जाएगी।
मरीज की स्वास्थ्य स्थिति एवं आवश्यकता के अनुसार चिकित्सकीय परामर्श और आवश्यक चिकित्सा सहयोग भी उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि पिंडदानियों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना कम से कम करना पड़े।
देश-विदेश से आते हैं लाखों श्रद्धालु
आईएमए पदाधिकारियों ने कहा कि पितृपक्ष महासंगम मेला गयाजी की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन है। इस दौरान देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पिंडदानी गयाजी पहुंचते हैं। ऐसे में उनकी सुविधा और स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करना सामूहिक जिम्मेदारी है।
मानव सेवा की भावना से चिकित्सक देंगे सहयोग
आईएमए गयाजी शाखा ने कहा कि पितृपक्ष के इस पवित्र अवसर पर चिकित्सक समुदाय मानव सेवा की भावना से अपनी सेवाएं प्रदान करेगा। किसी पिंडदानी को तत्काल चिकित्सा सहायता की आवश्यकता होने पर उसे यथासंभव आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।
सभी चिकित्सकों से सेवा में सहभागिता की अपील
आईएमए गयाजी के अध्यक्ष डॉ. विश्व विजय सिंह एवं सचिव डॉ. विमलेंदु विमल ने कहा कि संगठन के सभी सदस्य चिकित्सक पितृपक्ष मेला के दौरान गयाजी आने वाले श्रद्धालुओं की सेवा के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि इस पुनीत कार्य में चिकित्सक अपनी सहभागिता सुनिश्चित करेंगे और जरूरतमंद पिंडदानियों को आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास करेंगे।
