DSR तकनीक में कीट एवं रोग प्रबंधन को लेकर प्रक्षेत्र दिवस आयोजित, करीब 100 किसानों ने लिया प्रशिक्षण
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 18 सितंबर 2026
गयाजी: धान की सीधी बुआई (Direct Seeded Rice-DSR) में कीट एवं रोग प्रबंधन को लेकर शुक्रवार को गयाजी जिले में प्रक्षेत्र दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद–पूर्वी अनुसंधान परिसर (ICAR-RCER), पटना एवं कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), मानपुर, गयाजी के संयुक्त तत्वावधान में धान परती भूमि परियोजना के अंतर्गत किया गया। कार्यक्रम में करीब 100 स्थानीय किसानों के साथ कृषि विभाग के पदाधिकारी, केवीके मानपुर के प्रमुख एवं वैज्ञानिक तथा ICAR-RCER पटना के वैज्ञानिक और तकनीकी कर्मी शामिल हुए।
जिला कृषि पदाधिकारी ने किया DSR फसल का निरीक्षण
कार्यक्रम में जिला कृषि पदाधिकारी संजीव कुमार ने किसानों के बीच DSR तकनीक को व्यापक रूप से अपनाने और इसके लिए किसानों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। उन्होंने प्रक्षेत्र का भ्रमण कर DSR विधि से लगाई गई धान की फसल का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया।
उन्होंने फसल की वर्तमान स्थिति एवं अब तक की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए इसकी सराहना की। जिला कृषि पदाधिकारी ने संबंधित कृषि पदाधिकारियों को सुझाव दिया कि जिले के अन्य प्रखंडों के किसानों को भी इस प्रक्षेत्र का भ्रमण कराया जाए, ताकि किसान DSR तकनीक का प्रत्यक्ष प्रदर्शन देखकर इसके व्यावहारिक लाभों को बेहतर ढंग से समझ सकें।
किसानों को कीट एवं रोगों की पहचान की दी गई जानकारी
प्रक्षेत्र दिवस के दौरान किसानों को DSR तकनीक के प्रमुख लाभों के साथ धान की फसल में पाए जाने वाले प्रमुख कीट एवं रोगों की पहचान तथा समेकित कीट एवं रोग प्रबंधन (IPM) के उपायों की तकनीकी जानकारी दी गई।
विशेषज्ञों ने किसानों को फसल की नियमित निगरानी करने, कीट एवं रोगों की शुरुआती अवस्था में पहचान करने तथा आवश्यकता और अनुशंसा के अनुसार उचित प्रबंधन उपाय अपनाने के लिए जागरूक किया।
खेत में प्रदर्शन के माध्यम से समझाई गई तकनीक
कार्यक्रम के दौरान कृषि वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों ने प्रत्यक्ष प्रक्षेत्र प्रदर्शन (Field Demonstration) के माध्यम से DSR तकनीक, फसल प्रबंधन तथा कीट एवं रोग नियंत्रण के विभिन्न पहलुओं को समझाया। किसानों को खेत में ही तकनीक से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी दी गई।
इस दौरान किसानों ने खेती से संबंधित विभिन्न तकनीकी प्रश्न और समस्याएं विशेषज्ञों के समक्ष रखीं, जिनका विशेषज्ञों ने समाधान बताया। इससे किसानों को DSR तकनीक को अपनाने तथा फसल में संभावित कीट एवं रोगों के प्रबंधन को लेकर व्यावहारिक जानकारी मिली।
लागत कम करने और संसाधनों के बेहतर उपयोग पर जोर
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य धान परती भूमि का प्रभावी उपयोग, धान की खेती की लागत में कमी, संसाधनों के कुशल उपयोग तथा टिकाऊ एवं लाभकारी धान उत्पादन के लिए DSR तकनीक को किसानों के बीच बढ़ावा देना रहा।
कार्यक्रम में जिला कृषि पदाधिकारी (DAO), अनुमंडल कृषि पदाधिकारी (SDAO) एवं प्रखंड कृषि पदाधिकारी सहित कृषि विभाग के अधिकारियों की सहभागिता रही। कार्यक्रम का मार्गदर्शन ICAR-RCER, पटना के निदेशक डॉ. अनूप दास ने किया। कार्यक्रम का आयोजन एवं वित्तीय सहयोग अनुसूचित जाति उप-योजना (SCSP) के अंतर्गत किया गया।
